नेपाल सीमा पर स्थित घाटों का किया निरीक्षण
मां दुर्गा की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भी की शिरकत
एसएसबी तृतीय वाहिनी के सेनानायक ने एसएसबी कैंप डांगा पर ग्रामीणों के साथ बैठक की और सहयोग की अपील की। उन्होंने नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना नदी पर संचालित घाटों का भी निरीक्षण किया और दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान एसएसबी चौकी डांगा में नवनिर्मित मंदिर में मां दुर्गा की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शिरकत की और हवन-पूजन किया।
सेनानायक मुकेश कुमार ने कहा कि भारत-नेपाल खुली सीमा है, जिसका लाभ लेकर अराजक तत्व किसी भी दशा में कोई भी संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम न दे पाएं, इसके लिए एसएसबी जवानों को समय-समय पर निर्देशित किया जाता है। एसएसबी सीमा सुरक्षा के साथ सामाजिक चेतना जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन करता है, जिससे समाज में जागरूकता पैदा हो, लेकिन यह कार्यक्रम तभी सफल होगा जब एसएसबी और जनता कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगी। बार्डर पर कोई भी संदिग्ध गतिविधि या कोई भी अराजक तत्व दिखाई पड़ता है तो उसकी तत्काल सूचना एसएसबी को दें। एसएसबी तत्काल कार्रवाई करेगी। सूचना देने वाले का नाम भी गोपनीय रखा जाएगा। ग्रामीणों ने शिक्षा की बेहतरी के लिए जागरूकता अभियान चलाने की बात कही, जिस पर सेनानायक ने कहा कि समाज के प्रत्येक जागरूक व्यक्ति का यह फर्ज है कि वह ग्रामीणों को शिक्षा जैसे मुद्दे पर जागरूक करे, एसएसबी नवंबर माह में होने वाले सामाजिक चेतना अभियान में इस बिंदु को अपने प्राथमिक एजेंडे के रूप में शामिल करेगी। बैठक से पूर्व सेनानायक ने भारत नेपाल सीमा पर बह रही मोहना नदी पर संचालित विभिन्न घाटों का जायजा लिया और जवानों से वार्ता कर सीमा सुरक्षा को लेकर टिप्स दिए। इसके बाद उन्होंने एसएसबी चौकी डांगा पर नवनिर्मित मंदिर में मां दुर्गा की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा में भाग लिया और हवन-पूजन अर्चन कर ग्रामीणों के साथ भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर एसएसबी के उपसेनानायक आशीष कुमार पांडेय, एसएसबी डांगा इंस्पेक्टर जीडी ललित कुमार, प्रधानपति अजय गर्ग टीटू, आशाराम, मोनू गुप्ता, ओपी वर्मा, सुनील वर्मा, अशोक वर्मा, जवान मुनीश कुमार सहित तमाम लोग मौजूद रहे।