तरु पूजन संस्कार के साथ कार्यक्रम का हुआ समापन
मुंडन, विद्यारंभ और गुरु दीक्षा आदि वैदिक संस्कार हुए
लखीमपुर खीरी। रमियाबेहड़ ब्लॉक के गांव लबेदपुर में शुक्रवार को नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं श्रीमद् पावन प्रज्ञा पुराण कथा का तरु पूजन संस्कार के साथ समापन हो गया। गायत्री परिजन ने दीप जलाकर स्वर्ण जयंती मनाई।
अनुराग मौर्या ने बताया कि यज्ञमय वातावरण में आठ विद्यारंभ, छह नामकरण, एक मुंडन व तीन गुरु दीक्षा संस्कार सहित 50 से अधिक वैदिक संस्कार कार्यक्रम हुए। गायत्री महायज्ञ का समापन वृक्ष गंगा अभियान के तहत तरु पूजन संस्कार (पौधों का पूजन) करके किया। इस दौरान लोगों ने पूजित पौधों को रोपकर पुत्रवत पालने का संकल्प लिया।
अमृत महोत्सव एवं शांतिकुंज हरिद्वार के स्वर्ण जयंती पर दीपयज्ञ हुआ। इसमें गायत्री परिजन ने देश की आजादी के 75 एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर राष्ट्र के सुमंगल की कामना करते हुए गायत्री एवं महामृत्युंजय मंत्र से आहुतियां दीं। संचालन जिला समन्वयक रामखेलावन निषाद व देशराज राठौर ने किया। इस मौके पर राम नरेश वर्मा, बालकराम रस्तोगी, युवा प्रकोष्ठ के सर्वेश वर्मा, प्रिंस रंजन बरनवाल, राम खेलावन वर्मा, पंकज वर्मा, मनोज वर्मा, रोहित वर्मा, रितेश वर्मा, शुभम वर्मा, महिला मंडल की मुन्नी देवी, अंजलि, प्रिया, संध्या, शालिनी, आरती, वंदना वर्मा, गर्विता बरनवाल आदि मौजूद रहीं।