गौरीफंटा से होकर नेपाल जाते नेपाली नागरिक
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पिलरों के अलावा जंगली रास्तों पर पैनी नजर
नेपाल में हिंसा व आगजनी की हुई घटनाओं के साथ नेपाली जेलों से कैदियों के फरान होने की गंभीरता को देखते हुए गौरीफंटा बॉर्डर पर अधिकारियों ने डेरा जमा लिया है। बृहस्पतिवार को भी एसडीएम डॉ. अवनीश कुमार, सीओ यादवेंद्र यादव, एसएसबी अधिकारियों व वन विभाग की टीम के साथ गश्त करते रहे। कुआं नंबर आठ के पास गश्त की गई और पिलरों को भी देखा गया। साथ ही अधीनस्थों को लगातार निगरानी करने के दिशा-निर्देश भी जारी किए।
नाकाबंदी कर पूरे बॉर्डर को सील करते हुए जंगली रास्तों पर भी प्रशासन पैनी नजर रखे हुए है। जंगली रास्तों से आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है। दोपहर बाद एसएसबी, पुलिस व वन विभाग की टीम ने पिलर संख्या 753 व मोहाना नदी घाट तक संयुक्त पेट्रोलिंग की। जिले की 101 खुली सीमा होने के चलते गौरीफंटा क्षेत्र व मोहाना नदी घाट पर गश्त व पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है। डिगनिया, सूड़ा क्षेत्र में भी चेकिंग की जा रही है।
नेपाल में कर्फ्यू जारी, सड़कों पर सेना ने किया मार्च
नेपाल में आंदोलन के बाद धनगढ़ी में अब कर्फ्यू लगा हुआ है। 30 घंटे बाद वहां के जिला प्रशासन ने कर्फ्यू में थोड़ी ढील दी है। बृहस्पतिवार को आदेश पारित करते हुए सुबह छह बजे से दस बजे व शाम पांच से दस तक ढील देने की बात कही है। जगह-जगह सेना के जवानों की तैनाती की गई है।
सुबह छह बजे से दस बजे व शाम पांच बजे से रात दस बजे तक थोड़ी ढिलाई बरती जाएगी। उधर सेना के बख्तर बंद वाहनों ने सड़कों पर पेट्रोलिंग की। साथ ही सेना ने सरकारी कार्यालयों व बाजार में जगह-जगह सेना के जवानों की तैनाती भी की गई है। धनगढ़ी बाजार में सुबह गली के अंदर की कुछ दुकानें खुली थीं जिन्हें सेना के जवानों ने कर्फ्यू के चलते बंद करा दिया। करीब 30 घंटो से कर्फ्यू जारी रहा। जिससे आम नागरिकों को खासी परेशानी हुई।