प्रांजल के अंतिम संस्कार में पहुंचे वनकर्मी।
वन विभाग की ओर से अब तक मृतक के परिवार को नहीं मिली तात्कालिक सहायता
ममरी। मोहम्मदी रेंज के सहजनिया गांव में नेपाली हाथी के हमले में मारे गए भगवानदास वर्मा के 22 वर्षीय बेटे प्रांजल का बुधवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रांजल के परिजन को तात्कालिक सहायता के नाम पर अब तक वन विभाग की ओर कुछ नहीं दिया गया है।
सोमवार शाम खेत देखने गए सहजनिया के किसान भगवानदास वर्मा के 22 वर्षीय बेटे प्रांजल को नेपाली हाथी ने जमीन पर पटककर जान से मार दिया था। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद रात में प्रांजल का शव घर ले जाया गया तो कोहराम मच गया। इसका पता लगने पर वनकर्मी भी गांव पहुंच गए। बुधवार सुबह वनकर्मियों की मौजूदगी में प्रांजल का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
रेंजर मोबिन आरिफ ने बताया कि पहले मृतक के परिवार को 10 हजार रुपये नकद तत्कालिक सहायता दी जाती थी, लेकिन अब यह सहायता परिजन के खाते में भेजी जाती है। उसके बाद मुआवजा राशि दिलाने के लिए फाइल लखनऊ भेजी जाती है।