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आयुक्त साहब! ऐसे कैसे मिलावटखोरों पर लगाम लग पाएगा

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लखीमपुर खीरी। खाने-पीने की वस्तुओं में मिलावट का खेल बड़े पैमाने पर जारी है। अरहर की दाल में खेसारी की दाल मिलाकर बेचा जा रहा है तो वहीं रिफाइंड पामोलीन तेल में खतरनाक केमिकल पाए गए हैं। मिठाइयों में चांदी की जगह नकली वर्क का इस्तेमाल किया जा रहा हैै। लैब रिपोर्ट में ऐसे नमूनों को मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित (अनसेफ) करार दिया गया है। इन मामलों में संबंधित व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए खाद्य सुरक्षा आयुक्त से अनुमति मांगी गई हैै, लेकिन दो माह बीतने पर भी जवाब नहीं आया है। ऐसे हालात में मिलावटखोरों पर अंकुश लगना संभव नहीं है।
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खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने इस वर्ष अप्रैल से सितंबर तक छह माह में कुल 1080 दुकानों के निरीक्षण किए हैैं। इसके अलावा 48 दुकानों पर छापे मारे। दोनों कार्रवाइयों में कुल 82 प्रकार के नमूने भरे गए। इनमें से 21 नमूनों की लैब से जांच रिपोर्ट आई है, इनमें से पांच नमूने असुरक्षित (अनसेफ) करार दिए गए हैं जबकि 14 नमूने मिसब्रांड (नियमों का उल्लघंन) पाए गए है। जो पांच नमूने असुरक्षित मिले हैं, उनमें अभी तक संबंधित व्यापारियों/फैक्ट्री मालिकों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा सकी है। विभागीय अधिकारी कहते हैैं कि असुरक्षित नमूनों के मामलों में आयुक्त की अनुमति मिलने के बाद ही एसीजेएम कोर्ट में केस दायर किया जा सकता है। करीब दो माह समय बीत चुका है, लेकिन आयुक्त से अनुमति मिलने का इंतजार किया जा रहा है।
38 केस में 30.92 लाख जुर्माना
मिसब्रांड, बगैर पंजीकरण के व्यापार करने के मामलों में 122 केस एडीएम कोर्ट में दायर किए गए हैं। जबकि चार केस एसीजेएम कोर्ट में दायर हुए हैं। एडीएम कोर्ट में 38 केसों की सुनवाई कर 30.92 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई हैै।
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दूध के आठ नमूने हुए फेल
दूध में मिलावट के मामलों में कमी नहीं आई है। एफएसडीए ने छह माह के दौरान 134 दूध विक्रेताओं का निरीक्षण किया और 19 नमूने भरे। अभी तक प्राप्त लैब रिपोर्ट में आठ नमूने अधोमानक (मिलावटी) पाए गए हैं। एडीएम कोर्ट में 20 केस दायर किए गए, जिसमें से चार केस में एडीएम ने दूध विक्रेताओं पर 3.30 लाख जुर्माना किया है।
मिलावटखोरी रोकने के लिए टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। नमूनों की लैब रिपोर्ट के आधार पर समुचित कार्रवाई की जाती है। दिवाली के मद्देनजर शीघ्र ही अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। -कौशलेंद्र सिंह, अभिहित अधिकारी, एफएसडीए
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