लखीमपुर/गोला गोकर्णनाथ। रक्षाबंधन के बाद घर वापसी के दौरान मुफ्त सफर के अंतिम दिन भी बहनों व उनके सह यात्रियों ने रोडवेज बसों में मुसीबत झेलीं। स्थिति ये थी कि सीट पाने के लिए यात्रियों को धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा। हालांकि, अफसर पर्याप्त बसों के होने का दावा करते रहे।
जिले में गोला व लखीमपुर डिपो पर 200 से अधिक रोडवेज बसें है। रक्षाबंधन पर सभी बसों को लगाया गया था, ताकि बहनों को आने-जाने में दिक्कतें न हो। तीन दिनों तक फ्री सेवा होने से रोडवेज बसों में चार से पांच गुना सवारियां बढ़ीं। आठ अगस्त को पहले दिन से ही बसों में भीड़ देखने को मिली, जो रविवार देर शाम तक रही।
लखीमपुर और गोला डिपो के आंकड़ों पर नजर डालें तो दो दिन में 37,917 यात्रियों ने फ्री सेवा का लाभ उठाया है। यात्रियों के सफर का यह आंकड़ा शनिवार रात 12 बजे तक का है। अभी रविवार के 24 घंटे बाकी हैं। ऐसे में यह आंकड़ा 50 से 55 हजार पार होने की उम्मीद है।
डिपो वार आंकड़ों पर नजर डालें तो लखीमपुर डिपो से दो दिनों में 15,841 यात्रियों ने फ्री सेवा का लाभ उठाया, जिसमें 2943 सहयात्री भी शामिल हैं। इसी तरह गोला डिपो से दो दिनों में 22076 यात्रियों ने फ्री सफर किया।
डग्गामार वाहनों में भी रही भीड़
रोडवेज व ट्रेनों के अलावा डग्गामार वाहनों में खासी भीड़ देखने को मिली। मैगलगंज, पलिया, निघासन पर प्राइवेट बसें संचालित होती हैं। सुबह से लेकर शाम तक प्राइवेट बसें सवारियों को लेकर दौड़ती रहीं। फूलबेहड़ मार्ग पर डग्गामार वाहन संचालित होते हैं। डग्गामार वाहनों में भी काफी भीड़ देखने को मिली।
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रक्षाबंधन पर यात्रियों को बेहतर सेवा देने के लिए चालक-परिचालक सहित डिपो का पूरा स्टाफ लगा रहा। भीड़ अधिक होने पर कई मार्गों पर अतिरिक्त फेरे भी बढ़ाए गए हैं, ताकि यात्रियों को परेशान न होना पड़े।
-आशीष कुमार सिंह, प्रभारी, लखीमपुर डिपो
रोडवेज बस स्टेशन पर यात्रा के लिए लगी महिलाओं भीड़ भाड़। संवाद