लखीमपुर खीरी। मौसम का मिजाज शुक्रवार को खासा सर्द रहा। ऐसे में शीतलहर और गलन से लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। दिन भर आसमान में कोहरे की चादर छाई रही। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अभी दो दिन तक कड़ाके की सर्दी से राहत मिलने वाली नहीं है।
जिले में इस बार सर्दी की थोड़ी देर से शुरुआत हुई, जिससे लोग पहले बढ़े तापमान को लेकर हैरान थे। अब जनवरी के आखिरी सप्ताह में कड़ाके की ठंडक ने सभी को बेहाल कर दिया है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जरूरी काम से ही लोग घरों से बाहर निकले, अन्यथा लोग अलाव तापकर ठंड से बचने की कोशिश करते रहे। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान छह डिग्री रहा। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता के मुताबिक शनिवार और रविवार को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा, जिसके बाद ही तापमान में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि शनिवार को दोपहर बाद धूप निकल सकती है।
बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई दुश्वारियां
बांकेगंज। कस्बा में सर्दी का सितम और बढ़ गया है। कोहरा पड़ने और सर्द हवाओं से गुरुवार की रात और सर्द हो गई। शुक्रवार को दिन में भी गलन रही। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दो तीन दिन सर्दी का प्रकोप और रहेगा। पिछले कई दिनों से हो रही सर्दी गुरुवार की रात और बढ़ गई। पारा पांच डिग्री तक आ गया। बांकेगंज कस्बा में इन दिनों पड़ रही कड़ाके की ठंड के बाद भी प्रशासन ने अलाव नहीं जलवाए। इससे परेशान लोगों ने जिम्मेदारों से सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाने की मांग की है।
सुबह सर्दी और शीतलहर के बाद खिली धूप से मिली राहत
पलिया-मझगईं। इलाके में ठंड का प्रकोप लगातार जारी है। एक हफ्ते के लंबे इंतजार के बाद बृहस्पतिवार को धूप के दीदार हुए थे। शुक्रवार को एक बार फिर से सुबह कोहरा छाने और शीतलहर से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ठिठुरन होने के चलते दिहाड़ी मजदूरों को काफी दिक्कतें आईं। दोपहर बाद निकली धूप ने हालांकि थोड़ी राहत पहुंचाई लेकिन इसमें भी धूप छांव का खेल चलता रहा।
शीतलहर से कांपे लोग
गोला गोकर्णनाथ। हाड़ कंपाती सर्दी ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। हालांकि दोपहर बाद हल्की धूप निकलने से कुछ राहत तो मिलती है, लेकिन शाम होते ही शीत लहर और कोहरे की चादर ढक जाती है। नगर पालिका ने नगर में कई स्थानों पर अलाव के प्रबंध किए हैं, जो भीषण सर्दी के आगे नाकाफी साबित हो रहे हैं।