पीड़ित नृपेंद्र कुमार मौर्य, कृष्ण कुमार गुप्ता, लक्ष्मी देवी, विकास कुमार यादव, प्रभात कुमार अवस्थी, प्रवीण श्रीवास्तव अनुराग तिवारी आदि ने बताया कि जय प्रकाश मौर्या खुद को कंपनी का सीएमडी बताता था। उसके खिलाफ पहले से ही नीमगांव थाना और जिला एटा में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं, जो न्यायालय में लंबित हैं।
दुबई भाग गया कंपनी का मालिक
खीरी जिले के साथ ही पीलीभीत, शाहजहांपुर, सीतापुर सहित कई जिलों में अपना नेटवर्क फैलाए बॉम्बिटेक एक्सचेंज कंपनी के कर्मचारियों ने लोगों को मोटे ब्याज का लालच देकर उन्हें अपनी ठगी का शिकार बनाया। पीड़ितों का कहना है कि कंपनी का मालिक एकाध महीने पहले ही दुबई भाग गया है। हालांकि, कुछ टीम लीडरों के साथ वह सीधे संवाद बनाए हुए है। इसके जरिये ही वह अन्य लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना रहा है।
शहर कोतवाल हेमंत राय का कहना है कि पूछताछ और पड़ताल के दौरान पीड़ितों की ओर से तहरीर में बनाए गए इन दोनों आरोपियों वीरेंद्र भटनागर और दुर्गेश शर्मा का कहना था कि वह भी कंपनी में इन्वेस्ट कर रहे थे। उक्त आरोपियों में से एक पीलीभीत का रहने वाला है। पीड़ितों की माने तो जिस कार से दोनों आरोपी आए थे वह कार दुबई की किसी आशा मौर्य नाम पर पंजीकृत है। बताया जा रहा है कि आशा मौर्य कंपनी के मालिक जेपी मौर्य की पत्नी हैं। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
एएसपी पवन गौतम ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।