लखीमपुर खीरी में नौकरी दिलाने के नाम पर एक एजेंट ने चार लोगों से साढ़े सात लाख रुपये ठग लिए। एजेंट दुबई में नौकरी दिलाने की बात कह रहा था। चारों पीड़ित दुबई पहुंचे तो वहां से 15 दिन बाद ही लौट आए। बताया जाता है कि जो वीजा एजेंट ने दिया था, वो टूरिस्ट वीजा था। पीड़ितों ने आपत्ति दर्ज कराई तो एजेंट ने फर्जी टिकट और वीजा थमाते हुए साढ़े तीन लाख रुपये और वसूल लिए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है।
थाना पढुआ के गांव लखनियापुर निवासी वसीम ने बताया कि उसकी और गांव के ही साथी मोसिम, मेराज, गांव सिसैया निवासी महेश और चुन्नी लाल की मुलाकात जिला अंबेडकर नगर के थाना व कस्बा टांडा काजीपुरा कोइराना मस्जिद के पास रहने वाले शादाब अहमद से हुई। एजेंट शादाब ने सभी को दुबई नौकरी के लिए भेजने की बात कही थी। साथ ही दो साल का वीजा औैर हर महीने 50 हजार रुपये मिलने का वादा कर सभी को झांसे में लिया।
टूरिस्ट वीजा थमाकर भेजा था दुबई
सौदा डेढ़ लाख रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से तय हुआ। रुपये देने के बाद एजेंट ने दुबई जाने का वीजा तो दिया लेकिन वह फर्जी निकला। वो टूरिस्ट वीजा था यह बात दुबई में दिए गए कंपनी के पते पर जाने के बाद पता चली। साथ ही कंपनी के लोगों का कहना था कि टूरिस्ट वीजा एक महीने के लिए वैध होता है। इसी अवधि में वापस जाना होगा। पीड़ितों ने किसी तरह किराया जुटाया और 15 दिन बाद वापस आए गए। आरोपी शादाब अहमद से विरोध जताया। इस पर उसने गुमराह करते हुए दुबई की कंपनी की गलती बताकर उन्हें सिंगापुर भेजने की बात कही।
यह भी पढ़ें- UP: कलाई पर कलावा बांध किया दिखावा, युवक ने धर्म छिपाकर युवती को प्रेमजाल में फंसाया, लूटी आबरू
एजेंट ने काम दिलाने का आश्वासन देकर वसीम से डेढ़ लाख, महेश से पचास हजार और चुन्नी लाल से डेढ़ लाख रुपये ले लिए। साथ ही सभी को सिंगापुर का ऑफर लेटर, टिकट व वीजा दे दिया, जो जांच में फर्जी निकला। इस तरह से आरोपी ने उनसे धोखाधड़ी करते हुए 11 लाख रुपये ठग लिए। शहर कोतवाल हेमंत राय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।