पलियाकलां। गौरीफंटा कोतवाली में आत्मदाह के मामले में करीब एक माह से फरार चल रहे चारों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चारों आरोपियों को भीरा व गौरीफंटा पुलिस ने संयुक्त रूप से पकड़ा है। अब तक आत्मदाह मामले में छह आरोपियों को पुलिस द्वारा जेल भेजा जा चुका है।
हाल ही में जनपद दौरे पर आईं आईजी रेंज रहीं लक्ष्मी सिंह ने मामले में पुलिस को फटकार लगाई थी, जिसके बाद हरकत में आकर पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मरने से पहले इकबालिया बयान में मृतक ने कोतवाल पर उगाही के आरोप लगाए थे, लेकिन कोतवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था।
16 मार्च को कोतवाल और टैक्सी दलालों के खिलाफ वसूली व उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कृष्णानगर पटिहन निवासी शिवम गुप्ता पुत्र राजीव गुप्ता ने पेट्रोल डालकर गौरीफंटा कोतवाली में आग लगा ली थी। 19 मार्च को लखनऊ में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने शिवम गुप्ता की पत्नी दीप्ति की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया था।
जिसमें रिंकल गुप्ता, अभिरल गुप्ता उर्फ गोलू पुत्र अनिल गुप्ता उर्फ चांद मियां निवासी मोहल्ला रंगरेजान, शान अंसारी निवासी इकरामनगर नई बस्ती, सूरज पुत्र हरीश निवासी टेहरा, विपिन सक्सेना पुत्र सियाराम गुप्ता निवासी बाजार प्रथम, पप्पू गुप्ता उर्फ घमंडी लाल निवासी किसान दो आरोपी शामिल थे।
इसमें 21 मार्च को भीरा पुलिस ने दो आरोपी सूरज गुप्ता व जीशान अंसारी उर्फ मोहम्मद शान अंसारी को गिरफ्तार कर लिया था। करीब एक माह बाद चारों आरोपियों को पुलिस पकड़ सकी। पकड़े गए आरोपियों में अविरल, रिंकल, विपिन सक्सेना व पप्पू गुप्ता उर्फ घमंडी शामिल हैं। पूछताछ के बाद जेल भेजा गया है।