धौरहरा। आंधी-बारिश के बाद धौरहरा तहसील के ज्यादातर गांवों में बिजली लौट आई, लेकिन ऐरा और बेल्तुआ फीडर से जुड़े करीब 40 गांवों के लोग 14 दिन से अंधेरे में हैं।
विद्युत निगम के अफसर 75 प्रतिशत गांवों में आपूर्ति बहाल होने का दावा कर रहा है। इसके बावजूद इन गांवों में बिजली नहीं पहुंची है। लगातार आपूर्ति बाधित रहने से भीषण गर्मी में ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
करीब 15 दिन पहले चक्रवात के असर से बारिश और आंधी में क्षेत्र के करीब 300 बिजली खंभे गिर गए थे। इससे पूरी तहसील क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी।
इन फीडरों से खमरिया कस्बे के कुछ हिस्सों के अलावा सरमदा, तमोलीपुर, बेहटा और पड़ोसी जनपद सीतापुर के कुछ गांवों को भी बिजली मिलती है। लंबे समय से आपूर्ति बंद होने से घरों और दुकानों की दिनचर्या प्रभावित है।
एसडीओ देवेंद्र कुमार ने बताया कि लगभग सभी खंभे ठीक हो चुके हैं। जिन गांवों में पानी भरा हुआ है, वहां अभी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। काम चल रहा है और जल्द बिजली आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
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11 को एक घंटे बंद रहेगी शहर की बिजली आपूर्ति
लखीमपुर खीरी। 132 केवी उपकेंद्र लखीमपुर में 132 केवी मेन बस-बार के अनुरक्षण कार्य के चलते 11 अक्तूबर को सुबह सात से आठ बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इस दौरान 132 केवी उपकेंद्र से निर्गत सभी 33 केवी फीडरों की विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। ट्रांसमिशन के अधिशासी अभियंता अकील अहमद ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि प्रस्तावित कटौती से पहले पेयजल समेत अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं कर लें, ताकि आपूर्ति बाधित रहने के दौरान परेशानी न हो। संवाद
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अपील : स्पार्किंग या गिरी बिजली लाइन दिखे तो पास न जाएं
धौरहरा। बारिश और आंधी के दौरान बिजली खंभों में स्पार्किंग, जलभराव या सड़क पर गिरी अथवा झुकी लाइन दिखे तो उसके पास न जाएं। धौरहरा के उपखंड अधिकारी देवेंद्र कुमार ने लोगों से तत्काल संबंधित फीडर इंचार्ज, लाइनमैन या उपकेंद्र को सूचना देने की अपील की है।
उन्होंने बिजली खंभों और तारों को न छूने, खंभों के नीचे वाहन खड़ा न करने तथा ट्रांसफाॅर्मर व विद्युत लाइनों के आसपास वस्तु न फेंकने की सलाह दी है। खंभों से मवेशी न बांधने और आसपास अतिक्रमण न करने के लिए भी कहा गया है। भवन निर्माण बिजली लाइनों से सुरक्षित दूरी पर कराने की अपील की गई है। संवाद