मितौली। कष्ट हरण धाम मंदिर में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पूर्व ब्लॉक प्रमुख राधेश्याम भार्गव ने लाइसेंसी बंदूक और पेट्रोल के साथ खुद को मंदिर के अंदर बंद कर लिया।
करीब पांच घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने पर उन्होंने मंदिर का ताला खोला और सकुशल बाहर आ गए।रतहरी निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख राधेश्याम भार्गव शनिवार तड़के कठिना नदी किनारे स्थित शिव मंदिर कष्ट हरण धाम पहुंचे। मंदिर परिसर में साफ-सफाई और पूजा-अर्चना के दौरान उन्होंने मंदिर के दोनों गेटों पर ताला लगा लिया। उनके पास पेट्रोल से भरी प्लास्टिक की पिपिया और लाइसेंसी बंदूक भी थी।
सूचना पर एसडीएम मधुसूदन गुप्ता, सीओ यादवेंद्र, तहसीलदार दिनेश कुमार और थाना प्रभारी महेश पाठक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने काफी देर तक उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़े रहे।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने आरोप लगाया कि मंदिर की नई कमेटी के गठन में सत्ता पक्ष से जुड़े कुछ लोग गड़बड़ी कर रहे हैं और उन्हें मंदिर के कार्यों से दूर रखने की कोशिश की जा रही है। कहा कि वह वर्ष 1995 से मंदिर की सेवा कर रहे हैं और लोगों के सहयोग से मंदिर को नई पहचान दिलाई है।
करीब पांच घंटे बाद एसडीएम और सीओ से वार्ता के बाद राधेश्याम भार्गव मंदिर का ताला खोलकर बाहर आ गए। इस दौरान उन्होंने अपनी जमीनों की पैमाइश का मुद्दा भी उठाया। एसडीएम के निर्देश पर तहसील प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर पैमाइश की कार्रवाई शुरू कराई।
-
न्याय न मिलने का लगाया आरोप
पूर्व ब्लॉक प्रमुख राधेश्याम भार्गव का कहना है कि वह पहले भी अपनी मांगों को लेकर दो बार खुद को मंदिर में बंद कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में प्रशासन की ओर से आश्वासन तो मिला, लेकिन पूरी कार्रवाई नहीं हुई।
पैमाइश को लेकर अलग-अलग दावे
मंदिर से बाहर आने के बाद प्रशासन राधेश्याम भार्गव को साथ लेकर उनके बताए गए प्लाटों की पैमाइश कराने पहुंचा। राधेश्याम भार्गव ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने केवल दो प्लाॅटों पर ही कार्रवाई की। प्रभारी तहसीलदार दिनेश कुमार ने कहा कि शिकायत वाले सभी प्लाॅटों की पैमाइश कराकर कार्रवाई कर दी गई है।