गोला गोकर्णनाथ। बुधवार की देर शाम गोला वन रेंज कार्यालय पर वन मंत्री एके सक्सेना ने विधायकों एवं वन विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ वन्य जीव एवं मानव संघर्ष से बचाव कार्यों की समीक्षा की। करीब दो घंटे विचार विमर्श चला।
मंगलवार की देर शाम मोहम्मदी महेशपुर वन रेंज के गांव इमलिया में 50 वर्षीय ग्रामीण अमरेश की बाग के हमले में मौत हो गई थी। मामला गर्माने की सूचना पर वन मंत्री एके सक्सेना गोला वन रेंज पहुंचे। गोला विधायक अमन गिरि, धौरहरा विधायक विनोद शंकर अवस्थी, वाइल्ड लाइफ पीसीसीएफ हेड ऑफ डिपार्टमेंट एसके शर्मा, सहायक हेड ऑफ डिपार्टमेंट संजय श्रीवास्तव, लखनऊ डीएफओ प्रखर गुप्ता, डीएफओ दक्षिणी संजय विश्वाल, डीएफओ उत्तरी शौरीष सहाय, एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता सहित अधिकारियों के साथ वन्य जीव व मानव संघर्ष बचाव कार्यों की समीक्षा की। वन मंत्री ने कहा मानव-वन्यजीव संघर्ष पर रोक लगाई जाए। इस मौके पर रेंजर संजीव कुमार तिवारी, धर्मेंद्र गिरि मोंटी, अवधेश मिश्रा, राहुल भारती आदि मौजूद रहे।
जंगल के बाहर बताई जा रहे 10 बाघ
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जंगल से सटे गन्ने के खेतों को बाघ जंगल समझ रहे हैं। गोला और मोहम्मदी वन रेंज क्षेत्र में करीब 10 टाइगर जंगल से बाहर आ गए हैं।
इन बिंदुओं पर हुआ विचार विमर्श
आबादी के पास के जंगल की बाड़ पर सोलर करंट की फेंसिंग।
जंगल के निकट गन्ना किसानों को गन्ना आपूर्ति के लिए पर्ची आपूर्ति में वरीयता।
बाघ प्रभावित क्षेत्रों में वन्य जीव लोकेशन के लिए ट्रिपिंग कैमरा, ड्रोन कैमरे से निगरानी।
बाघ प्रभावित क्षेत्रों में बाघ मित्रों की संख्या बढ़ाने।
बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरे लगवाने, जरूरत पड़ने पर बेहोश करने का प्रबंध।
गन्ने के खेतों के मध्य दो से ढाई मीटर की दूरी रखने।
गोला विधायक ने दिया प्रस्ताव
वन मंत्री के समक्ष गोला विधायक अमन गिरि ने कहा कि सहकारी गन्ना समिति की आम सभा में गन्ना किसानों को वन्य जीव एवं मानव संघर्ष से बचाव के प्रति जागरूक करने का प्रस्ताव दिया।