लखीमपुर खीरी। शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित इंदिरा वन मनोरंजन पार्क का दशकों बाद 3.5 करोड़ की लागत से जीर्णाेद्धार हुआ तो करीब दो साल पहले पार्क का दरवाजा खोल दिया गया। लगभग पांच माह बाद ही पार्क के दरवाजों को एक तेंदुए की चहलकदमी के चलते बंद कर दिया गया है। इससे यहां आने वाले पर्यटकों में मायूसी है। वहीं वन विभाग डेढ़ साल में भी तेंदुआ पकड़ नहीं सका है।
करीब 3.5 करोड़ की लागत से इंदिरा वन मनोरंजन पार्क का जीर्णोद्धार कराया गया था। पार्क में मुख्य दरवाजा, कैंटीन, मोटरबोट, वन्यजीव बाड़े, बेंच व पार्किंग सहित अन्य जगहों को सही किया गया था। जीर्णोद्धार के बाद जुलाई 2023 में पार्क का लोकार्पण किया गया था। पार्क में पर्यटकों का पहुंचना शुरू हो ही पाया था कि वहां एक तेंदुए की मौजूदगी देखी गई। इस पर पार्क प्रशासन ने गेट पर ताला लगवा दिया। करीब डेढ़ साल बीतने को है और वन विभाग अब भी तेंदुए को पकड़ नहीं पाया है। इससे यहां आने वाले पर्यटकों में मायूसी है।
वन विभाग अब भी बता रहा तेंदुए की मौजूदगी
विभाग अब भी तेंदुए की मौजूदगी बताकर एहतियातन पार्क को बंद करने की बात कर रहा है। हालांकि यह पार्क बच्चों के लिए सबसे अच्छी जगह है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण इतने खर्च और इंतजार के बाद भी पार्क के दरवाजे नहीं खोले जा रहे हैं। प्रशासन को पार्क में फैली अव्यवस्थाओं को सही करना चाहिए। - गुरमीत, कोरापुर
इंदिरा मनोरंजन पार्क कई वर्षों बाद सुंदरीकरण कर दोबारा खोला गया था। नगर व आसपास गांव में रहने वाले लोगों के लिए ये सैर-सपाटे का केंद्र था। उद्घाटन के बाद मोटरबोट, झूले, कैंटीन, संग्रहालय आदि की सुविधाएं देखकर अतिथियों व लोगों ने प्रशंसा भी की थी। तेंदुए के आ जाने की सूचना पर उसे पकड़कर उचित स्थान पर छोड़ने के बजाय पार्क ही बंद कर दिया गया। - प्रो. एससी मिश्रा
इंदिरा मनोरंजन पार्क का मुख्य द्वार। संवाद
इंदिरा मनोरंजन पार्क का मुख्य द्वार। संवाद