लखीमपुर खीरी। फरवरी में प्रस्तावित यूपी बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्र पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की निगरानी में रखे जाएंगे। साथ ही नकल रोकने के लिए वित्तविहीन स्कूलों में कम परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। हालांकि अब तक 135 केंद्र प्रस्तावित किए जा चुके हैं।
आगामी बोर्ड परीक्षा को लेकर विभागीय तैयारियां तेजी से चल रहीं हैं। जिले में 306 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 58 राजकीय, 45 सहायता प्राप्त और 203 वित्तविहीन विद्यालय हैं। परीक्षाओं में नकल की आशंका कम करने के लिए बोर्ड कड़ी निगरानी कर रहा है।
इस बार बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्रों को स्ट्रॉन्ग रूम में डबल लाॅक वाली अलमारी में रखने के साथ ही एआई की भी मदद लेगा। एआई प्रश्नपत्रों की सुरक्षा किस तरह से करेगा, इस पर अभी विभाग की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है।
2025 के लिए 79 वित्तविहीन विद्यालय परीक्षा केंद्र बनाए गए
वर्ष 2024 में यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए 137 केंद्र बनाए गए थे। वहीं वर्ष 2025 में होने वाली परीक्षा के लिए ऑनलाइन मैपिंग और केंद्रों के चयन को लेकर बोर्ड ने सख्त नियम तय किए हैं। इस बार कुछ वित्तविहीन परीक्षा केंद्रों को सूची से बाहर किया गया है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, 2024 में करीब 81 वित्तविहीन स्कूलों को केंद्र बनाया गया था। इस बार 79 केंद्र प्रस्तावित हैं। बृहस्पतिवार तक निर्धारित केंद्रों को लेकर ऑनलाइन आपत्तियां दर्ज की गईं। आपत्तियों के निस्तारण के बाद स्कूलों की संख्या में और कटौती हो सकती है।
परीक्षा केंद्रों की दूरी को लेकर भी आईं आपत्तियां
जिले में इस बार 135 परीक्षा केंद्र प्रस्तावित हैं। केंद्रों को लेकर बोर्ड की ओर से आपत्तियां मांगी गईं थीं। इनमें से कुछ आपत्तियां परीक्षा केंद्रों की दूरी को लेकर भी आई हैं। आपत्तियों के निस्तारण के बाद समस्याओं को दूर किया जाएगा।
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर शासन संवेदनशील है। एआई की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। केंद्र को लेकर आने वाली आपत्तियां 18 नवंबर तक निस्तारित की जाएंगी। अब तक करीब 41 आपत्तियां मिली हैं। एआई के संबंध में बोर्ड से कोई निर्देश मिलेंगे तो अमल में लाया जाएगा। - डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, डीआईओएस