लखीमपुर खीरी। केंद्र सरकार की ओर से एक फरवरी को पेश किए जाने वाले केंद्रीय बजट को लेकर जिले के व्यापारियों में खासा उत्साह है। नौकरीपेशा, युवा, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और शिक्षक वर्ग के साथ-साथ थोक व फुटकर व्यापारियों को भी बजट से कई उम्मीदें हैं।
उनका मानना है कि यदि बजट में कस्टम ड्यूटी में राहत, टैक्स व्यवस्था का सरलीकरण और कारोबार को प्रोत्साहन देने वाले प्रावधान किए गए तो न केवल उनका व्यापार आगे बढ़ेगा, बल्कि सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। थोक व्यापारियों का कहना है कि वे बड़े पैमाने पर आयकर और जीएसटी के माध्यम से सरकार को राजस्व प्रदान करते हैं। ऐसे में अगर बजट में उनके हितों को ध्यान में रखकर फैसले लिए जाते हैं तो बाजार में रफ्तार आएगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। व्यापारियों का कहना है कि यह बजट यदि व्यापार अनुकूल रहा तो अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और सरकार के राजस्व में भी उल्लेखनीय इजाफा होगा।
-
एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए इंडस्ट्रियल पार्क और घटी ब्याज दरों पर बैंकों से ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान बजट में होना चाहिए। इससे नई इंडस्ट्रीज लगाने के लिए भी सुविधा होगी। पुरानी का विस्तार करने के लिए फंड की आवश्यकता बैंकों से आसानी से पूरी हो जाएगी।
-शिव तोलानी, व्यापारी
बजट में छोटे और बड़े उद्योग की स्थापना का कोई प्रावधान हो। किराना, गल्ला, कपड़ा आदि के व्यवसाय के लिए लंबी दूरी की ट्रेन चलाना बहुत जरूरी है, क्योंकि दिल्ली जाने का रास्ता अभी साफ नहीं है। बजट में व्यापारियों के लिए सस्ते ऋण का भी प्रावधान हो।
- प्रकाश गुप्ता, किराना थोक व्यापारी
इलेक्ट्रिकल्स ट्रेड में वर्तमान जीएसटी दरें अधिक हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। इससे जुड़े उत्पादों को 12 प्रतिशत के जीएसटी स्लैब में लाया जाए। बजट में ऑनलाइन बिजनेस के लिए एक स्पष्ट और समान नीति लागू की जाए। छोटे व्यापारियों के लिए सस्ते और सुगम ऋण की व्यवस्था का प्रावधान हो।
- संजय गुप्ता, थोक व्यापारी, इलेक्ट्रॉनिक्स व इलेक्ट्रिकल्स
एक फरवरी को पेश होने वाले बजट में दवा व्यापारियों को सरकार से उम्मीद है कि रॉ मटेरियल पर भी जीएसटी की दर कम होगी। इससे जनता को और सस्ती दवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। रोजगार बढ़ेगा और सरकार के राजस्व में भी इजाफा होगा।
- शरद मेहरोत्रा, दवा थोक व्यापारी
शरद मेहरोत्रा- फोटो : 1
शरद मेहरोत्रा- फोटो : 1