,मटैहिया में बाढ़ का पानी से कीचड़ से निकलता बैलगाड़ी। संवाद
भीरा। शारदा नदी में आई बाढ़ का पानी अब उतर गया है, लेकिन खेतों और रास्तों पर अभी भी कीचड़ जमा है। इससे किसानों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों को खेतों से धान घर लाने में परेशानी हो रही है। आमतौर पर गन्ने की कटाई के बाद गेहूं की बुवाई की जाती है, लेकिन खेतों में अत्यधिक नमी के कारण मिट्टी को सूखने में लगभग एक महीने का समय लग सकता है। इससे गेहूं की समय पर बुवाई नहीं हो पाएगी। कीचड़ भरे रास्तों के कारण किसानों का खेतों तक पैदल जाना भी मुश्किल हो गया है। बोझवा, छोटा बरुआ, बड़ा बरुआ और मटैहिया जैसे गांवों में सड़कों की हालत बेहद खराब है। जिन खेतों तक पहुंचने वाले रास्तों पर कीचड़ भरा है, वहां बैलगाड़ियां भी नहीं जा पा रही हैं। किसान धान की फसल को अपने सिर पर रखकर निकालने को मजबूर हैं।