गांधी नगर तालाब में मरी पड़ी मछलियां। स्रोत : मत्स्य पालक
- फोटो : राम मंदिर के तीर्थ यात्री सेवा केंद्र में मौजूद ज्योति किशन आमगे
लखीमपुर खीरी। शहर का गंदा पानी जाने से तालाब की सभी मछलियां मर गईं, इससे मत्स्य पालक को दो लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। पीड़ित ने नगर पालिका के साथ ही डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल से शिकायत कर मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई व मुआवजा दिलाने की मांग की है।
सदर तहसील के लखीमपुर देहात ग्राम पंचायत के गांधी नगर निवासी व मछुआ प्रतिनिधि भगवानदास मझवार ने बताया कि देवकली रोड पर स्थित गांधी नगर के गाटा संख्या 276 मि./2822 हेक्टेयर तालाब पर मछली पालन का काम करते हैं। मत्स्य पालन के लिए 10 साल का उनका पट्टा है।
मत्स्य जीवी सहकारी समिति के लिए संपूर्णानगर के नाम से सदर एसडीएम ने पट्टा स्वीकृति दी है। आरोप है कि तालाब में नगर पालिका के गोट्टयाबाग, कमलापुर मोहल्लों का गंदा पानी गिरता है। पानी दूषित होने के कारण बुधवार को तालाब की सारी मछलियां मर गईं।
पीड़ित ने बताया कि तालाब में गंदा पानी रोकने के लिए कई बार नगर पालिका में प्रार्थना-पत्र दिए, लेकिन आज तक कोई भी सुनवाई नहीं हो सकी। नगर पालिका की अनदेखी से तालाब में लगातार गंदा पानी जा रहा, जिसकी वजह से सभी मछलियां मर गई।
पीड़ित ने कहा कि मछलियां बड़ी हो चुकी थीं। करीब 10 क्विंटल मछलियां मरी हैं। 20 हजार रुपये क्विंटल के हिसाब से करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। पिछले साल भी इसी तरह मछलियां मरी थी। इधर, डीएम ने मामले में दिखवाने की बात ही।
10 सालों से चूना भी नहीं डलवाया
भगवानदास मझवार ने अपनी शिकायत में कहा कि प्रत्येक वर्ष तालाब में 10 बोरी चूना नगर पालिका की ओर से डलवाया जाता था, लेकिन पिछले कई सालों से चूना डालने का काम भी बंद है। पीड़ित ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई किए जाने व मुआवजा दिलाने की मांग की है।