पीड़ित व्यापारी ने आर्यावर्त बैंक और बैंक ऑफ इंडिया पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप, रिपोर्ट दर्ज
लखीमपुर खीरी। शहर के एक व्यापारी के साथ दो बैंकों द्वारा धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। एक व्यापारी ने 2.5-2.5 लाख रुपये के दो चेक भुगतान पाने के लिए बैंक ऑफ इंडिया में लगाए थे। बैंक ने एक चेक को डिसआनर दिया तो वहीं दूसरे चेक को गुम होना बताया। व्यापारी ने जब गुम चेक का भुगतान रुकवाना चाहा तो जारी कर्ता आर्यावर्त बैंक ने भुगतान हो जाने की बात कही। यह सुनकर व्यापारी के पैरों तले जमीन खिसक गई। परेशान व्यापारी ने सदर कोतवाली में दोनों बैंक अधिकारियों के खिलाफ तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
छाउछ के मजरा गोल्हापुर निवासी ज्ञानेंद्र सिंह वर्मा ने फरवरी में अपनी जमीन छाउछ निवासी उमाशंकर को पांच लाख रुपये में बेची थी। बदले में उमाशंकर ने आर्यावर्त बैंक एलआरपी शाखा के 2.50-2.50 रुपये के दो चेक ज्ञानेंद्र को 11 फरवरी को दिए थे। 11 फरवरी को ही ज्ञानेंद्र सिंह ने बैंक ऑफ इंडिया शाखा बस अड्डा में संचालित अपने बचत खाते में दोनों चेक भुगतान पाने के लिए लगा दिए।
14 फरवरी को इसमें एक चेक संख्या 099866 को अपर्याप्त धनराशि के कारण बैंक ऑफ इंडिया ने डिसआनर कर दिया। दूसरे चेक संख्या 099867 पर बैंक ने व्यापारी को भुगतान नहीं किया और न ही चेक लौटाया, बल्कि बैंक द्वारा चेक गुम हो जाने की सूचना व्यापारी को दी गई। इस पर ज्ञानेंद्र सिंह ने 19 फरवरी 2022 को आर्यावर्त बैंक में भुगतान रोकने के लिए प्रार्थना पत्र दिया, जिसे देखने के बाद बैंक कर्मियों ने ज्ञानेंद्र को बताया कि इस चेक पर 14 फरवरी 2022 को ही 2.50 लाख रुपये भुगतान कर दिया गया है। यह सुनते ही व्यापारी सन्न रह गया और फिर बैंक ऑफ इंडिया में पहुंचकर अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन बैंक अधिकारियों ने कई दिन तक ज्ञानेंद्र सिंह को झांसा देकर मामले को टालते रहे। कभी भुगतान दिलाने का आश्वासन देते, तो कभी जांच कर कार्रवाई करने की बात बताते रहे। इसके बाद ज्ञानेंद्र सिंह ने व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष संजय गुप्ता व महामंत्री उमेश शुक्ला से कार्रवाई कराने के लिए मदद मांगी।
शुक्रवार को पीड़ित व्यापारी ने सदर कोतवाली में तहरीर देकर बैंक ऑफ इंडिया शाखा बस अड्डा व आर्यावर्त बैंक शाखा एलआरपी पर धोखाधड़ी कर 2.50 रुपये चोरी करने का आरोप लगाया है। कोतवाली पुलिस ने तहरीर के मुताबिक दोनों बैंक शाखाओं के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करकेे जांच शुरू कर दी है।
किसान के फर्जी हस्ताक्षर कर सहकारी बैंक खाते से 35 हजार निकाले
मैगलगंज। जिला सहकारी बैंक मैगलगंज से एक किसान के बैंक खाते से 25 फरवरी को किसी व्यक्ति ने फर्जी हस्ताक्षर से 35 हजार रुपये निकाल लिए। जब किसान अपने खाते से पैसा निकालने पहुंचा तब उसे रुपये निकाले जाने की जानकारी हुई। पैसे एक ही दिन में निकाले गए हैं।
सीतापुर जिले के नांदन गांव निवासी लालता प्रसाद का खाता जिला सहकारी बैंक मैगलगंज में है। शुक्रवार को वह पैसा निकालने के लिए जिला सहकारी बैंक पहुंचे। वहां खाते में पैसा ना देखकर उनके होश उड़ गए। जानकारी की तो पता चला 25 फरवरी को खाते से एक ही दिन में दो निकासी पत्र पर हस्ताक्षर करके पैसे निकाले गए हैं।
पड़ताल में एक ही दिन में दो निकासी पत्र निकले। एक में 35 हजार रुपये निकाले गए लगभग 11:00 बजे के समय, जबकि दूसरे निकासी पत्र में 1:00 बजे के करीब पांच हजार रुपये निकाले गए। ग्राहक ने पांच हजार रुपये स्वयं निकालने की बात स्वीकार की, लेकिन 34 हजार फर्जी हस्ताक्षर से किसी दूसरे द्वारा निकालने का आरोप लगाया है। बचत खाते से एक दिन में दो बार पैसा नहीं निकाला जा सकता है। फिर भी एक दिन में दो बार खाते से पैसा निकालना संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।
शाखा प्रबंधक आदर्श कुमार सिंह का कहना है कि विशेष परिस्थिति में एक दिन में दो-दो बार भी पैसा निकाला जा सकता है, जिसके लिए लिखित में प्रार्थना पत्र देना होता है। इनके खाते से पैसे किसने निकाले हैं, यह जांच का विषय है जांच होने के बाद कार्रवाई कराई जाएगी। संवाद
ओटीपी पूछकर पुजारी के खाते से 97 हजार उड़ाए
गोला गोकर्णनाथ। बजाज चीनी मिल स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के पुजारी के खाते से ठगों ने 96 हजार 960 रुपये निकाल लिए। पुजारी ने मामले की तहरीर कोतवाली पुलिस को दे दी है।
बजाज चीनी मिल स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर के पुजारी दयानंद पांडे ने दी गई तहरीर में कहा है कि उनका स्टेट बैंक में खाता है। किसी ने उनके मोबाइल पर कॉल की और कहा कि उन्हें क्रेडिट कार्ड बंद करना है या चालू करवाना है। ठगों ने झांसे में डालकर ओटीपी नंबर पूछ लिया और खाते से 96960 रुपये निकाल लिए। कोतवाली पुलिस ने तहरीर लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। संवाद