लखीमपुर खीरी। परिवार रजिस्टर में हेरफेर करने के मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी सहित पांच लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर खमरिया थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके बाद आरोपी पक्ष अब पीड़ित को धमकी दे रहे हैं।
खमरिया के ग्राम समरदाहरी चिकवनपुरवा निवासी जाकिर हुसैन ने बताया कि उनके बाबा अब्दुल गनी की मौत 13 अगस्त, 1986 को हुई थी। आरोप है कि गांव के ही कुछ लोगों ने साजिशन मौत की तिथि 13 अगस्त, 1988 दर्शा दी। तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी अभिषेक कुमार की मिलीभगत से फर्जी परिवार रजिस्टर की नकल भी तैयार कर ली।
जाकिर हुसैन ने बताया कि इस मामले की शिकायत ब्लाॅक से लेकर जिला मुख्यालय तक की गई, लेकिन अफसरों ने अब तक कुछ भी नहीं किया। मुख्यमंत्री, डीएम और एसपी को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन वहां से भी सुनवाई नहीं हो सकी। जब कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
अदालत के निर्देश पर तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी समेत इस्माइल, मेराज, रियाज, महबूब उर्फ मोहब्बू, कयामुद्दीन उर्फ राजू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जाकिर ने कहा कि मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी अब उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
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जमीन हथियाने के लिए किया था खेल
-जाकिर हुसैन ने बताया कि आठ बीघा जमीन को हड़पने के लिए आरोपियों ने यह फर्जीवाड़ा किया था। आरोपियों ने परिवार रजिस्टर में उनके बाबा की जन्मतिथि में हेरफेर करते हुए फर्जी वसीयत बनाकर आठ बीघा जमीन को बेच दिया था। काफी समय बाद इसकी उन्हें जानकारी हो सकी।
परिवार रजिस्टर में मौत की तिथि 13 अगस्त, 1988 प्रतीत हो रही थी, उसके अनुसार ही वर्ष 2021 में नकल जारी की थी। वर्ष 2024 में दूसरे सचिव ने 13 अगस्त, 1988 की नकल जारी की। बाद में आपत्ति लगाई कि 1988 नहीं, बल्कि 13 अगस्त, 1986 में मृत्यु हुई है। एडीओ पंचायत स्तर से जांच कराने के बाद उसको 13 अगस्त, 1986 करा दिया गया था। रजिस्टर काफी पुराना है, जिसमें देखने में 1988 ही प्रतीत हो रहा है।
-अभिषेक वर्मा, तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी