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अंतत: भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायक अरविंद गिरि

Wed, 04 Nov 2015 11:39 PM IST
गोला गोकर्णनाथ
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सपा से तीन बार विधायक रहे बसपा से निष्कासित अरविंद गिरि ने संन्यास लेने के बाद पांचवें महीने में आखिरकार लखनऊ के भाजपा कार्यालय जाकर भाजपा की सदस्यता ले ली। राजनीतिक हल्कों में आज दिन भर इस बात की चर्चा रही, वहीं माना जा रहा है कि भाजपा से वह गोला विधानसभा का चुनाव लड़ सकते हैं।
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पूर्व विधायक अरविंद गिरि पूर्व में हैदराबाद विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता के रूप में तीन बार विधायक रह चुके हैं। किन्हीं कारणों से पार्टी छोड़ने के बाद कांग्रेस पार्टी ने विश्वास जताते हुए अरविंद गिरि को खीरी लोकसभा से प्रत्याशी के रूप में उतारा किंतु चुनाव न जीत सके।
इसके बाद पार्टी से मोह भंग होने के बाद राजनीति में वजूद तलाशने के उद्देश्य से बसपा में शामिल हुए। जुलाई में उन्हें बसपा से निकाल दिया गया। इससे खिन्न होकर अरविंद गिरि ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी थी। हालांकि उनकी यह घोषणा किसी के भी गले नहीं उतर रही थी। ठीक पांच महीने बाद बुधवार को लखनऊ जाकर उन्होंने भाजपा कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी के सामने सदस्यता ले ली।
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विषम परिस्थितियों की मजबूरी को संघर्ष के बूते सौभाग्य में बदलूंगा
अमर उजाला से सेलफोन पर पूर्व विधायक अरविंद गिरि ने कहा कि राजनीति में भ्रष्टाचार और उसका अपराधीकरण अत्यंत दु:खद स्थिति हैं, किंतु उससे भी भयानक स्थिति राजनीति में सेवा के आधार पर व्यक्ति का आकलन न करके धनबल के आधार पर किया जाना है, जिससे अत्यंत भयावह दुष्परिणाम भविष्य में होंगे। बसपा सेवा के आधार पर न चलके धनबल के आधार पर चल रही है।
सबका साथ, सबका सम्मान और सबका विकास वर्षों बरस से मेरा लक्ष्य रहा है, जो जीवन पर्यन्त चलता रहेगा। दलबदल का हिमायती नहीं हूं, राजनीति से संन्यास लेना और आज भाजपा में शामिल होना, मेरी विषम परिस्थितियों की मजबूरी है, जिसको संघर्ष सौभाग्य में बदलूंगा।
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