लखीमपुर खीरी/तिकुनियां। अवैध लकड़ी से भरा ट्रक पकड़े जाने के मामले में पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। पुलिस ने ट्रक चालक और ठेकेदार के खिलाफ वन अधिनियम की धारा 4/10 के तहत रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन 48 घंटे बाद भी ट्रक में भरे बेशकीमती सागौन और शीशम के बोटों की गिनती नहीं करा सकी। सूत्रों के मुताबिक पुलिस सागौन के बोटों में खेल करने की तैयारी कर रही है।
उत्तर निघासन की बेलरायां रेंज के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में महीने भर से हरेभरे पेड़ों का कटान जोरों पर हो रहा है। लकड़ी माफिया वनकर्मचारियों, अफसरों से सांठगांठ कर एक परमिट पर सैकड़ों पेड़ काटकर ठिकाने लगा देते हैं। इन माफिया को पुलिस का भी संरक्षण प्राप्त होता है। शनिवार की रात सीओ निघासन प्रदीप वर्मा ने बनवीरपुर मार्ग से अवैध लकड़ी से भरा ट्रक पकड़कर कोतवाली तिकुनियां पुलिस को सौंपा था। पुलिस ने रविवार को आधे ट्रक की लकड़ी उतरवाई थी। इसके बाद से उतार का काम रोक दिया था। पुलिस अब तक ट्रक में कितने शीशम और कितने सागौन के बोटेे भरे हैं। इसकी गिनती नहीं करा सकी है। कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी एसआई दीपक राठौर से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि गांव पठाननपुरवा निवासी ठेकेदार तौहर और ट्रक चालक मुफीद के खिलाफ वन अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। अभी ट्रक से पूरी लकड़ी का उतार नहीं हो पाया है। इसलिए लकड़ी की संख्या और उसमें सागौन की लकड़ी है या नहीं यह बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है, जबकि सीओ प्रदीप वर्मा ट्रक में सागौन के तमाम बोटे होने की बात स्वीकार कर रहे हैं। ऐसे में तिकुनियां पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है। सूत्रों की माने तो ट्रक के अगले हिस्से में सागौन की लकड़ी भरी है। पीछे दिखावे के लिए माफिया ने शीशम के बोटे लगा रखे थे।
------------------------
ट्रक में शीशम और सागौन के बोटे लदे मिले हैं। ट्रक चालक और ठेकेदार के खिलाफ एसआई दीपक राठौर की ओर से रिपोर्ट दर्ज की गई है। किस लकड़ी के कितने बोटे हैं। इसकी जानकारी की जा रही है।
-प्रदीप कुमार वर्मा, सीओ निघासन