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पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद में 33 करोड़ के घोटाले का मामला: सीबीसीआईडी ने खंगाले दस्तावेज, कई फाइलें ले गई साथ

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लखीमपुर खीरी। 2018 में सरकारी गेहूं खरीद के दौरान पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर हुए 33 करोड़ के घोटाले के मामले की जांच कर रही सीबीसीआईडी की टीम ने कार्यालय पहुंचकर पुराने रिकार्ड खंगाले। कुछ फाइलों को टीम अपने साथ भी ले गई है, क्योंकि सीबीसीआईडी ने 32 और क्रय केंद्रों को अपनी जांच में शामिल कर लिया है। इससे 2018 में गेहूं की खरीद करने वाले केंद्र प्रभारियों में हड़कंप है। वहीं पीसीएफ के प्रबंध निदेशक अब तक रिपोर्ट में आरोपी बनाए गए तत्कालीन जिला प्रबंधक प्रभंजन कुमार यादव समेत दो केंद्र प्रभारियों की सेवा समाप्त (बर्खास्त) कर चुके हैं। इनमें शामिल गोला मंडी द्वितीय क्रय केंद्र के प्रभारी रहे अनिल कुमार को एक सप्ताह पहले ही बर्खास्त किया गया है।
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रबी विपणन वर्ष 2018-19 में पीसीएफ ने 109 क्रय केंद्रों के माध्यम से 1,05,406 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था, जिसके एवज में किसानों को एक अरब 83 करोड़ 93 लाख रुपये का भुगतान होना था। तत्कालीन आरएम/जिला प्रबंधक वैभव कुमार वर्मा ने तहरीर देकर बताया था कि तत्कालीन जिला प्रबंधक प्रभंजन कुमार यादव के इशारे पर कई केंद्र प्रभारियों ने गेहूं खरीद में गड़बड़ी करते हुए 33 करोड़ का भुगतान चेकों के माध्यम से किया, जो शासनादेश के प्रावधानों का खुला उल्लंघन है। 22 क्रय केंद्रों पर एक दिन में प्रति केंद्र 300 मीट्रिक टन से अधिक खरीद कराई गई, जिसमें अतिरिक्त कांटा लगाने के लिए डीएम से अनुमति नहीं ली गई। कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी तत्कालीन प्रबंधक प्रभंजन कुमार यादव, मरखापुर क्रय केंद्र प्रभारी अनूप कुमार, गोला मंडी में पीसीएफ के प्रथम और द्वितीय क्रय केंद्रों के प्रभारी शिवराज और अनिल कुमार, हसनपुर कटौली के केंद्र प्रभारी भारत भूषण मिश्रा समेत कुछ नाम पता अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। मामला सरकारी गेहूं खरीद में करोड़ों के घोटाले से जुड़ा होने के कारण शासन ने इसकी जांच सीबीसीआईडी को दे दी थी। पीसीएफ के प्रबंध निदेशक ने तत्कालीन जिला प्रबंधक प्रभंजन कुमार यादव और केंद्र प्रभारी शिवराज को जनवरी 2020 में बर्खास्त कर दिया था, जबकि तीसरे आरोपी भारत भूषण मिश्रा की 2019 में मौत हो चुकी है। चौथे आरोपी अनिल कुमार को 18 जून 2020 को बर्खास्त किया गया है। अब पांचवें आरोपी अनुप कुमार की बर्खास्तगी की कार्रवाई चल रही है, जिसके पूरा होते ही इनकी सेवा समाप्त हो जाएंगी। लॉकडाउन के बाद हुए अनलॉक से सीबीसीआईडी का जांच तेज हो गई है। विवेचक/निरीक्षक मनोज कुमार मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने दो दिन शुक्रवार और शनिवार को कार्यालय के अभिलेख खंगाले। इनमें से 32 क्रय केंद्रों के दस्तावेज टीम अपने साथ ले गई है, जिनके केंद्र प्रभारियों पर भी जल्द शिकंजा कस सकता है।
अब अज्ञात आरोपियों की गर्दन दबोचने की तैयारी
पीसीएफ के तत्कालीन एमडी प्रमोद कुमार उपाध्याय के निर्देश पर आरएम वैभव कुमार वर्मा ने छह जुलाई 2018 को सदर कोतवाली में तत्कालीन जिला प्रबंधक प्रभंजन कुमार यादव समेत पांच केंद्र प्रभारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जबकि कुछ लोगों को अज्ञात में सहआरोपी बनाया था। पांचों आरोपियों पर शिकंजा कसने के बाद सीबीसीआईडी ने अज्ञात आरोपियों की गर्दन दबोचने के लिए जांच तेज कर दी है। इसमें 32 क्रय केंद्रों के जांच में शामिल किए जाने से घोटाले के कई राज बाहर आ सकते हैं और कार्रवाई की जद में आने वाले कर्मचारियों की दायरा बढ़ सकता है।
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तीन सदस्यीय टीम ने जांच में यह पकड़ी थी खामियां
एमडी ने जिला प्रबंधक प्रभंजन यादव के खिलाफ लगे आरोपों की जांच तीन सदस्यीय टीम से कराई थी। जांच टीम ने 33 करोड़ का भुगतान किसानों को न करने, बिना अनुमति लिए अधिक तोल कराने, क्रय केंद्रों की पंजिका में दर्ज खरीद और जिला प्रबंधक द्वारा भेजी रिपोर्ट में अंतर आदि गड़बड़ियां पकड़ी थी।
बाक्स=वर्जन.....
दो साल पहले दर्ज हुई रिपोर्ट की जांच कर रही सीबीसीआईडी ने गेहूं खरीद से जुड़े अभिलेखों की जांच की है। दो दिनों तक जांच के बाद कुछ अभिलेख भी टीम अपने साथ ले गई है। सीबीसीआईडी रिपोर्ट में दर्ज पांच क्रय केंद्रों के अलावा कुछ और क्रय केंद्रों की जांच कर रही है।
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-शैलेंद्र शुक्ला, जिला प्रबंधक, पीसीएफ
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