सपा एमएलसी और नगर पालिका अध्यक्ष पहुंचे सहानुभूति जताने
दो अगस्त को जिला मुख्यालय पर करेंगे शक्ति प्रदर्शन
संयुक्त समायोजित शिक्षक/शिक्षामित्रों का क्रमिक अनशन छठे दिन भी जारी रहा, जिसमें दो अगस्त को होने वाले पर शक्ति प्रदर्शन की रणनीति तैयार की गई। शिक्षामित्रों ने जुलाई माह का वेतन देने की मांग उठाते हुए मंगलवार को संतोषजनक जवाब न मिलने पर बीएसए कार्यालय पर तालाबंदी करने की चेतावनी भी दी है। सोमवार को प्रदर्शन में शामिल एक महिला शिक्षामित्र अचानक बेहोश होकर गिर गईं, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सपा एमएलसी शशांक यादव और लखीमपुर नगर पालिका की अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव धरने पर पहुंची और उनकी मांगों पर सहानुभूति जताई।
बीएसए कार्यालय परिसर में भारी संख्या में समायोजित शिक्षामित्र और उनके परिवार वाले एकत्र हुए। जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा और राकेश सिंह ने शिक्षामित्रों का आह्वान करते हुए संघर्ष को और तेज करने पर जोर दिया है। इस बाबत प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों और शासन स्तर पर बातचीत शुरू होने की जानकारी दी गई। शिक्षामित्रों की समस्या को जल्द दूर करने की मांग सरकार से की गई। अनशन में उत्तर प्रदेश पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लाक इकाई मितौली, बिजुआ और लखीमपुर इकाई ने भी समर्थन दिया है, जिन्होंने दो अगस्त को होने वाले शक्ति प्रदर्शन में सहयोग करने का आश्वासन दिया है। अनशन का संचालन विनय वर्मा और मानवेंद्र सिंह ने किया। इस मौके पर विनोद मिश्रा, ओम प्रकाश, राजेश कुमार, अनुपम मिश्रा, पीयूष शुक्ला, सत्येंद्र सिंह, हरीश वाजपेयी आदि शामिल हुए।
शिक्षामित्र के बेहोश होने पर अफरातफरी
धरना स्थल पर बेहजम ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय अछनिया की समायोजित शिक्षामित्र शमा परवीन अचानक बेहोश हो गईं, जिससे आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। साथी महिला शिक्षामित्रों ने किसी तरह उन्हें संभाला, फिर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
कलम के एक वार से न हो हजारों हलाल...
बीएड-टेट अभ्यर्थियों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
लखीमपुर खीरी। बीएड-टेट 2011 उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधि मंडल ने सीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम आकाशदीप को सौंपा है। इसमें आरोप लगाए है कि शिक्षामित्रों की अवैधानिक भर्ती को सरकार सहानुभूति और दया के कारण वैधानिक करने का प्रयास कर रही है। उससे पहले सरकार को देखना चाहिए कि बीएड-टेट उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी गरीब परिवारों से हैं।
समायोजित शिक्षामित्रों के आंदोलन के जवाब में बीएड-टेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने भी मोर्चा खोल दिया है। अपनी भर्ती की मांग करते हुए अवैतनिक पढ़ाने का ऑफर सरकार के सामने पेश करने के बाद सरकार को आइना दिखाने की कोशिश तेज कर दी है। सोमवार को डीएम को दिए पत्र में कहा है कि तलवार के एक वार से केवल एक व्यक्ति हलाल होता है, लेकिन कलम के एक गलत वार से हजारों लोग हलाल हो सकते हैं। इस उदाहरण के साथ ही बताया है कि छह से 14 वर्ष तक के बच्चों के भविष्य की अनदेखी वोटबैंक की खातिर नहीं की जानी चाहिए। इससे भविष्य में एक गलत प्रथा बन जाएगी, जिसका हवाला देकर अयोग्य भी खुद को योग्य बताकर नौकरी पर हक जताएगा। जो देश या समाज के हित में नहीं होगा। प्रतिनिधि मंडल में एनके शर्मा, आशीष कुमार मिश्रा, अमित मिश्रा, अनिल सिंह शामिल हुए।