बांकेगंज। थाना मैलानी क्षेत्र के बाबूपुर गांव में बुधवार रात बुजुर्ग के फंदा लगाकर आत्महत्या करने के बाद उसके दो पुत्रों सुधीर और मुकेश ने भी शुक्रवार को जान दे दी। लखनऊ में तैनात एक महिला सिपाही और उसके परिजनों पर प्रताड़ित करने का आरोप है। शुक्रवार को हुई घटना के बाद महिला सपाही समेत चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। घटना के पीछे मकान पर मालिकाना हक के विवाद को कारण बताया जा रहा है। मृतक और आरोपी पक्ष आपस में रिश्तेदार हैं।
थाना मैलानी की बांकेगंज पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 11 के बाबूपुर गांव में 60 वर्षीय राम नरेश ने बुधवार रात घर में ही फांसी लगाकर जान दे दी थी। इस घटना में मृतक के दोनों पुत्रों मुकेश और सुधीर ने डायल 112, लखनऊ में तैनात सिपाही आरती निगम व उसके परिजनों पर घर खाली करने का दबाव बनाने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। जिस पर पुलिस ने बृहस्पतिवार को सिपाही आरती समेत उसकी मां रामदेवी, बहन शशिबाला और भाई शिवम के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज कर लिया था।
बताया जा रहा है शुक्रवार सुबह रामनरेश का छोटा पुत्र सुधीर (25 ) शौच जाने के लिए घर से बाहर निकला और गांव के बाहर निकली रेल पटरी पर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। इसकी जानकारी जब बड़े पुत्र मुकेश (28) को मिली तो उसने भी घर के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी।
छोटे पुत्र सुधीर ने ट्रेन के सामने कूदने से पहले एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। जिसमें उसने लिखा है कि उसके परिवार का महिला सिपाही आरती, उसकी मां राम देवी, बहन शशिबाला और भाई शिवम से मकान को लेकर विवाद चल रहा था। महिला सिपाही लगातार उसके परिवार पर मकान खाली करने का दबाव बना रही थी। इसके कारण ही उसके पिता की जान चली गई और अब वह जान दे रहा है।
एक ही घर में दाे दिन में तीन लोगों के आत्महत्या कर लेने से गांव में मातम का माहौल है। घटना की सूचना पाकर पहले एसडीएम गोला विनोद कुमार गुप्ता और सीओ गवेंद्र गौतम ने मौका मुआयना किया। उसके बाद एएसपी पश्चिमी नैपाल सिंह और फिर एसपी गणेश प्रसाद साहा भी गांव पहुंचे और जानकारी ली।
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दोनों पक्ष आपस में रिश्तेदार हैं। कई साल पहले आरोपी पक्ष ने ही मृतक रामनरेश को बाबूपुर में बसाया था। पहले सब कुछ ठीक था। पिछले कुछ समय से दोनों परिवारों में उस मकान को लेकर विवाद चल रहा था, जिसमें रामनरेश व उनका परिवार रह रहा था। सुलह के भी प्रयास हुए, पर बात बनी नहीं। अब जो घटना हुई हैं, उसकी जांच की जा रही है। चोरों आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं।
गणेश प्रसाद साहा, एसपी