महेशपुर (लखीमपुर खीरी)। दो महीने पहले 19 नवंबर को बाघ के हमले में मरे किसान ओमप्रकाश के बेटे रामनिवास की रविवार को धरना देने के दौरान तबीयत बिगड़ने पर मौत हो गई। 27 वर्षीय रामनिवास मुआवजे के लिए अपने परिवार के साथ भारतीय किसान यूनियन के 6 जनवरी से मोहम्मदी महेशपुर रेंज दफ्तर पर धरने पर बैठा हुआ था। रामनिवास के रविवार दोपहर अचानक दर्द उठा और अस्पताल पहुंचने तक उसने दम तोड़ दिया।
यूनियन का यह धरना बाघ से सुरक्षा व बाघ के हमले में मारे गए ग्रामीणों को मुआवजे को लेकर चल रहा है। रविवार को धरना स्थल पर ही यूनियन की महापंचायत बुलाई गई थी। रविवार को रामनिवास अपनी मां के साथ धरनास्थल पर मौजूद था। दोपहर करीब दो बजे रामनिवास की हालत बिगड़ी। सीने में दर्द के साथ उसकी तेज सांसें चलने लगीं। इस पर 108 एंबुलेंस बुलाकर उसे सीएचसी गोला भेजा गया, जहां डॉ. शरद कुमार वर्मा और डॉ. कमलेश ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और महापंचायत में हंगामा शुरू हो गया। प्रशासन का कहना है कि रामनिवास पहले से बीमार था। आंदोलन की वजह से उसकी तबीयत बिगड़ने जैसी कोई बात नहीं है। घटना के बाद डीएफओ समीर वर्मा और एसडीएम गोला योगानंद पांडेय ने महापंचायत स्थल पर पहुंचकर किसानों की सभी मांगें एक सप्ताह में पूरी करने का आश्वासन दिया, जिस पर तहसील अध्यक्ष महेश चंद्र वर्मा ने एक सप्ताह के लिए धरना स्थगित करते हुए मांगें न पूरी होने पर पुन: आंदोलन करने की चेतावनी दी है।