प्रदेश नंबर सात के बनाए गए राज्यपाल के धनगढ़ी में सचिवालय और निवास स्थान की तलाश खत्म हुई। रविवार को आवास चुने जाने के बाद राज्यपाल के निवास स्थान पर सुरक्षा की दृष्टि से नेपाली सेना की तैनाती कर दी गई है।
प्रदेश नंबर सात की अस्थाई राजधानी धनगढ़ी बनाए जाने और मोहनराज मल्ल को राज्यपाल बनाए जाने की घोषणा के बाद उनके कार्यालय और निवास स्थान के लिए काठमांडू से एक टीम भेजी गई थी, जिसने धनगढ़ी के लगभग दो दर्जन सरकारी कार्यालय देखे थे। जिसमें से धनगढ़ी वार्ड चार में स्थित घरेलू, लघु उद्योग कार्यालय के भवन में सचिवालय और वनदेवी मंदिर के समीप वन निर्देशालय निवास के भवन में राज्यपाल के निवास के लिए चुना गया है। निवास स्थान चुने जाने के बाद उक्त भवन पर सुरक्षा की दृष्टि से नेपाली सेना की तैनाती कर दी गई। जहां सेना के जवानों ने भवन की सुरक्षा करने के साथ ही वहां आसपास क्षेत्र की सफाई भी की। राज्यपाल के निवास स्थान के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
धनगढ़ी के राज्यपाल ने संभाला कार्यभार
धनगढ़ी-नेपाल। प्रदेश नंबर सात के बनाए गए राज्यपाल मोहनराज मल्ल ने रविवार दोपहर धनगढ़ी में सचिवालय कार्यालय में पदभार ग्रहण किया। इससे पूर्व उनको नेपाली सेना के जवानों ने सलामी भी दी।
मल्ल रविवार की दोपहर काठमांडू से धनगढ़ी पहुंचे। वहां से काफिले के साथ वार्ड चार में स्थित घरेलू एवं लघु उद्योग कार्यालय के भवन में बनाए गए सचिवालय कार्यालय पहुंचे। यहां उनको सबसे पहले नेपाली सेना के जवानों ने सम्मानपूर्वक सलामी दी। इसके बाद माननीय राज्यपाल ने पदभार ग्रहण किया। इस मौके पर कैलाली सीडीओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।