लखीमपुर खीरी। जमीन की रंजिश के चलते ग्रामीण के घर में घुसकर तीन महिलाओं सहित कई लोगों को चोट पहुंचाने के मामले में एडीजे शैलोज चंद्रा ने पिता-पुत्र सहित चार हमलावरों को दोषी ठहराया है। अदालत ने उन्हें छह साल के कठोर कारावास और 30 हजार 500 रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक नीमगांव थाना क्षेत्र के अलहवापुर में रहने वाले रामाधीन की गांव के ही बालकराम पासी से जमीन को लेकर मुकदमेबाजी चल रही थी। इसी रंजिश के चलते तीन अगस्त 2011 को सुबह दस बजे बालकराम ने अपने लड़के राजबहादुर, लवकुश और सरवन के साथ मिलकर रामाधीन के घर में घुसकर हमला कर दिया।
पत्नी राजरानी, पुत्र रामकृष्ण, रामकृष्ण की पुत्री नीतू उर्फ़ सरला के साथ रामकृष्ण की पत्नी राजकुमारी को भी बुरी तरह पीटकर घायल कर दिया था। इस मामले में रामकृष्ण के भाई रमेश ने बालकराम और उसके पुत्रों को नामजद किया था। अदालत ने 14 साल पुराने मामले में बृहस्पतिवार को फैसला सुनाते हुए बालकराम पासी उसके लड़के राजबहादुर, लवकुश और सरवन को दोषसिद्ध पाया है। जिन्हें छह साल के कठोर कारावास और 30 हजार 500 रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है।