गुलरिया चीनी मिल से जुड़े करीब 14 गन्ना क्रय केंद्रों पर पर्चियों का इंडेंट न जारी होने से किसानों ने प्रदर्शन किया। देर शाम तक वहां पर कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा था।
गुलरिया चीनी मिल से जुड़े किसान सौरभ शुक्ला, सरोज तिवारी, घनश्याम निगम, इरफान, कैलाश, शिवराज यादव, ताजदार खां, अयूब, दाउद, अदलाबाद प्रधान छोटे लाल यादव आदि ने चीनी मिल कर्मचारियों पर आरोप लगाया कि फरवरी माह समाप्त होने को है। किसानों के खेत में पेड़ी का गन्ना खड़ा है। बुआरी गन्ने में शुरुआत नहीं हुई है। कई बार किसानों ने प्रदर्शन कर पर्चियों का इंडेंट बढ़वाने की मांग की, लेकिन चीनी मिल प्रशासन ने नहीं सुनीं। किसानों का आरोप है कि खेत में खड़ा गन्ना सूख रहा है, जिसके चलते वह गेहूं और लाही आदि की फसल भी नहीं बो पाए हैं। किसानों ने बताया कि अदलाबाद और रायपुर के छह, तारानगर के आठ गन्ना क्रय केंद्रों के साथ चीनी मिल सौतेला व्यवहार कर रही है। किसानों ने बताया कि चीनी मिल ने अर्ली गन्ने का बीज देकर खेत में बुवाई कराई और अब उसी गन्ने को लेने से मना कर रही है। नाराज किसानों ने झंडी और अदलाबाद जाने वाले मार्ग पर गन्ने से भरे ट्रकों को रोककर उसके आगे बाइक खड़ी कर प्रदर्शन किया और मांगे पूरी न होने तक ट्रक न जाने का एलान किया। चालक ट्रकों को सड़क पर खड़े करके चले गए।