भाकपा माले और अन्य संगठनों ने जेएनयू प्रकरण में भाजपा सरकार पर साजिश का आरोप लगाते हुए जुलूस निकला। इसके बाद उन्होंने कमल टाकीज चौराहे पर देश को बांट रही ताकतों का पुतला फूंका। जुलूस तहसील पहुंचा और वहां एसडीएम को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में भाजपा सरकार पर साजिश का आरोप लगाते हुए छात्रसंघ अध्यक्ष को रिहा करने की मांग की गई है।
माले के ब्लाक सचिव कमलेश राय ने कहा कि मोदी सरकार सभी मोर्चों पर विफल साबित हुई है। वह पूंजीपतियों को बढ़ावा और संरक्षण दे रही है। कहा कि रिजर्व बैंक कह रहा है कि बैंकों की पूंजी से ज्यादा कर्ज औद्योगिक घराने लिए हुए हैं और इसे लौटा नहीं रहे हैं। फिर भी केंद्र की मोदी नेतृत्व वाली भाजपा सरकार कुछ भी नहीं कर रही है। इसके विपरीत जनता की छोटी मांगों को दबाकर दमन किया जा रहा है। किसान सभा के ब्लाक अध्यक्ष रामदुलारे, रंगीलाल, लक्ष्मी नारायण यादव, रामनरेश आदि ने भी अपने विचार रखे। इससे पूर्व कमल टाकीज चौराहे पर माले ने देश को बांटने का काम कर रही ताकतों का पुतला फूंका और इसके बाद जुलूस तहसील पहुंचा। जहां उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा, जिसमें जेएनयू कांड की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों से तीन माह में कराने, छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया को रिहा करने, हैदराबाद के छात्र रोहित को आत्महत्या के लिए मजबूरन करने वालों को सजा दिलाए जाने आदि मांगें की गई है। इसमें रमाशंकर, सुरेश, रामनरेश, लक्ष्मी, नारायण, प्रदीप कुमार, सलीम, अर्जुन आदि तमाम माले पदाधिकारी और सदस्य शामिल रहे।