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किसानों का दिल्ली पहुंचना जारी, कल है ट्रैक्टर परेड

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लखीमपुर खीरी। दिल्ली की सीमा पर 26 जनवरी को ट्रैक्टरों की परेड निकालने की इजाजत मिलने के बाद जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों से किसानों और उनके नेताओं का दिल्ली पहुंचना जारी है। गोला, पलिया, भीरा, तिकुनिया आदि से सैकड़ों किसान दिल्ली पहुंच चुके हैं। वहीं प्रशासन भी अब कानून व्यवस्था के दायरे में शांतिपूर्वक दिल्ली की ओर कूच करने वाले किसानों की प्रक्रिया में कोई हस्तक्षेप नहीं कर रहा।
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पलिया से भी आंदोलन का हिस्सा बन रहे किसान
पलियाकलां। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन का हिस्सा बनने में पलिया के किसान भी काफी आगे हैं। यहां के सैकड़ों किसान दिल्ली बार्डर पर पहुंच चुके हैं और सैकड़ों अभी दिल्ली का सफर तय कर रहे हैं। इसमें कोई ट्रॉलियों से सफर में है तो कोई अपने वाहनों से निकला हुआ है। रास्तों में भी वह अपने-अपने जानने वालों को आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित कर साथ ले जा रहे हैं। प्रशासन की नजरें भी उन पर गड़ी हुईं हैं, हालांकि इससे किसानों को कोई खास दिक्कत नहीं आ रही और वह अन्य रास्तों से दिल्ली कूच कर रहे हैं।
26 जनवरी को होने वाली ट्रैक्टर परेड का हिस्सा बनने के लिए किसान प्रशासन के जिले में ही रहकर आंदोलन का हिस्सा बनने की हिदायत को दरकिनार कर दिल्ली की ओर कूच कर गए हैं। सैकड़ों किसान ट्रॉलियों से निकले हैं तो कई अपने-अपने वाहनों से।
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किसान मजदूर संगठन के बैनर तले भी सैकड़ों किसान दिल्ली के लिए निकले हैं। दिल्ली पहुंच चुके किसान गुरप्रताप सिंह, हरमन सिंह, बबलजीत सिंह, कुलदीप सिंह, संदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह, गुरदयाल सिंह ने बताया कि उन्होंने दिल्ली के लिए कूच करने में अपना अपना खर्चा खुद उठाया है, रास्ते में उनको किसी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। हालांकि मैलानी और खुटार में पुलिस प्रशासन ने उनके नाम और मोबाइल नंबर जरूर लिख लिए हैं और संपर्क में रहने की बात कही है। उनके मुताबिक 26 जनवरी की सुबह पौ फटते ही इलाके से और सैकड़ों किसान दिल्ली बार्डर पहुंच जाएंगे।
खाने की खुद कर रहे व्यवस्था
दिल्ली जाने वाले किसान खुद ही अपने खर्चे पर सारी व्यवस्थाएं कर रहे हैं, जिससे जो बन पड़ रहा है वह अपने घर से साथ लेकर जा रहा है। जिसमें सिर्फ अपना ही नहीं और लोगों का भी इंतजाम है।
ट्रॉलियों पर घर से डीजल के ले जा रहे ड्रम
आंदोलन में शामिल होने जा रहे किसान डीजल की व्यवस्था भी खुद करके निकले हैं। उन्होंने घर से डीजल के ड्रम ट्रॉलियों पर लाद लिए हैं। यदि इसके बाद भी कोई दिक्कत आ रही है तो रास्ते में भी अन्य स्थानीय किसान उनको डीजल मुहैया करा रहे हैं।
ट्रॉलियों को पन्नी से ढककर बना लिया है घर
यहां से कूच किए किसानों ने अपनी ट्रॉलियों पर पन्नियों को तानकर छत बना ली है। इससे उनको रास्ते में सर्दी और ओस से राहत मिलेगी, साथ ही कई दिन रुकने पर भी परेशानियां नहीं उठानी पडे़गी।
बिजुआ भीरा से 300 ट्रॉलियों के दिल्ली पहुंचने का दावा
बिजुआ। किसान नेता मुख्तयार सिंह ने बताया कि दिल्ली में आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए करीब 300 ट्रैक्टर ट्रॉलियां निकल चुकी हैं, जो सभी रास्ते में जरूरी सभी सुविधाओं से लैस हैं। 26 जनवरी की सुबह पौ फटते ही दिल्ली पहुंच जाएंगी।
चौराहों पर तैनात रहा पुलिस बल
दिल्ली में ट्रैक्टर रैली में शामिल होने के लिए इलाके के किसानों का जाना जारी है। इसके लिए नगर के विभिन्न चौराहों पर पुलिसकर्मी भी मुस्तैद दिखाई दिए। हालांकि शांतिपूर्ण जा रहे किसानों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई।
प्रशासन को चकमा देकर राकिमसं जिलाध्यक्ष पहुंचे दिल्ली
गोला गोकर्णनाथ। दिल्ली में किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए पुलिस और प्रशासन को चकमा देकर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा अपने दो दर्जन से अधिक साथियों के साथ दिल्ली पहुंच गए हैं।
दिल्ली पहुंचने पर जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा ने बताया कि लगभग एक माह से इमरजेंसी जैसे हालात बनाकर पुलिस ने उन्हें नजर बंद कर दिया था। दवा लेने भी नहीं जाने दिया जा रहा था, बाद में हंगामे पर लिखित इजाजत दी। इस पर उन्होंने अपने कुछ साथियों को फोन कर दिल्ली रवाना होने की रणनीति तैयार कर दी। वह दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ गोला से सुबह दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली पहुंचने पर पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने बताया कि वह धरना स्थल पर अपने साथियों के साथ शामिल हो गए हैं। बताया कि खीरी जिले से सैकड़ों कार्यकर्ता बस और ट्रकों से 25 जनवरी की सुबह दिल्ली पहुंच जाएंगे।
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