लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश में केवल स्वीकृत गन्ना बीजों का उत्पादन और बिक्री ही वैध है। बावजूद इसके कुछ किसान अवैध तरीके से प्रतिबंधित किस्म के गन्ना बीज उगाकर बेचते पाए गए।
लखनऊ से आए उप गन्ना आयुक्त आरडी द्विवेदी ने विशेषज्ञों के साथ शुक्रवार को जिले में औचक निरीक्षण किया। सबसे पहले सांडा गांव के किसान गुरप्रीत सिंह के फार्म की जांच की गई, जहां स्वीकृत किस्मों के अलावा कई अस्वीकृत बीज जैसे को-17018, को-18022, को-86032 के प्लॉट पाए गए।
किसान नवदीप सिंह और सिमरनजीत सिंह के फार्म पर भी इसी तरह की स्थिति मिली। मिदनियां के किसान कुलवंत सिंह के फार्म पर अस्वीकृत 20016, को-21012 और अन्य कई किस्मों के बीज उगाए जा रहे थे।
टीम ने अस्वीकृत बीज उगाने और बेचने वाले किसानों को सीड एक्ट ऑर्डर 1966 के तहत विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, इन किसानों का गन्ना विभाग में पंजीकृत बीज उत्पादक का पंजीकरण भी नहीं कराया गया था।
निरीक्षण के दौरान डीएसओ वेद प्रकाश सिंह, गन्ना शोध शाहजहांपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार, कीट और रोग विशेषज्ञ डॉ. सुजीत प्रताप सिंह, बीज गन्ना प्रभारी डॉ. ए.के. तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।