तिकुनियां। धान रोपाई कर परिवार के साथ लौट रहे किसान की नाव मोहाना नदी की बीच धार में किसी चीज से फंस गई। किसान लग्गी लगाकर नाव को छुड़ाने की कोशिश कर रहा था कि इसी बीच उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नदी में गिरकर बह गया। परिवार वालों ने गोताखोरों को नदी में उतारकर उसकी तलाश कराई, लेकिन कोई पता नहीं चल सका।
हादसा बुधवार की शाम को हुआ। भारत-नेपाल सीमा पर बह रही नदी के कटान करने से चौगुर्जी गांव नदी के पार हो गया है। इससे तमाम किसानों की जमीन नदी के दूसरी तरफ आ गई है। गांव सूरतनगर निवासी राजेश निषाद (40) कटान पीड़ित होने के कारण 10 साल से मंडी समिति तिकुनिया में झोपड़ी डालकर परिवार सहित रहता था। बुधवार को वह पत्नी रामरति, पिता भगवती प्रसाद, मां रीता देवी और छोटे भाई मनोज के साथ निजी नाव से नदी पार कर अपने खेत में धान की रोपाई करने गया था। शाम को सभी लौट रहे थे। नाव मनोज खे रहा था। परिवार वालों ने बताया कि जब नाव बीच धारा में पहुंची तो किसी चीज से टकराकर फंस गई। राजेश लग्गी लेकर नाव को निकालने का प्रयास करने लगे। इस बीच राजेश का संतुलन बिगड़ गया और वह नदी की तेज धार में गिरकर बह गए। परिवार वालों के चीखने-चिल्लाने पर तमाम लोग मौके पर एकत्र हो गए। परिवार वालों ने गोताखोरों के साथ राजेश की खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। प्रभारी निरीक्षक हनुमान प्रसाद ने बताया कि राजेश की तलाश जारी है।