फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri News: ओटीपी में फंसी फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी, आफत में किसान

विज्ञापन
प्रधान डाकघर में आधार संशोधन के लिए खड़े लोग। संवाद - फोटो : बच्चो के मॉडल देखते प्रधानाचार्य ।
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसान के पास आधार के साथ ही मोबाइल होना जरूरी है। मोबाइल पर ओटीपी आने के बाद ही रजिस्ट्री को अंतिम रूप दिया जाता है। परेशानी यह है कभी ओटीपी समय से नहीं आता तो वहीं कई किसानों ने जो मोबाइल नंबर आधार कार्ड में दर्ज कराया था वह उसे अब प्रयोग नहीं कर रहे। ऐसे किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही। आधार कार्ड में फोन नंबर सही कराने के लिए किसान आधार सेंटर पर संशोधन कराने की लाइन में लग रहे हैं।
विज्ञापन

जनपद में 7.18 लाख किसान हैं, जिनको प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का लाभ दिया जाता है। इन सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री होनी हैं, जिसकी प्रक्रिया जिले में कई महीनों से चल रही है। सोमवार तक 2.3 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो पाई हैं, जो कुल किसानों का 36.70 प्रतिशत है। फार्मर रजिस्ट्री वाले किसानों को ही कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। ऐसे में हर किसान अपना फार्मर रजिस्ट्री करा रहा, लेकिन उसमें ओटीपी की एक बड़ी समस्या देखने को मिल रही है।
किसानों ने जब अपना आधार कार्ड बनवाया था तो उसमें कौन सा मोबाइल नंबर लगाया था, उनको खुद पता नहीं। कुछ को पता है, लेकिन वह नंबर बंद हो चुका है। ऐसे में आधार संशोधन में ओटीपी नहीं आ रहा है, जिसकी वजह से फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पा रही।
विज्ञापन

डीडी कृषि अरविंद मोहन मिश्र ने बताया कि 36.70 प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो चुकी है। फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। कुछ किसानों के आधार कार्ड के ओटीपी की दिक्कत आ रही है।

राशन कार्डधारकों को भी है परेशानी
फार्मर रजिस्ट्री के साथ ही राशनकार्ड के पात्र गृहस्थी और अंत्योदय अन्न योजना के कार्डधारकों की ई-केवाईसी कराई जा रही है। इन लाभार्थियों को ओटीपी का दंश झेलना पड़ रहा है। हालांकि आधार संशोधन के लिए बैंक व डाकघरों में सेंटर लगे हैं।

डाकघर में 15 काउंटर लगे
नए आधार बनाने व आधार में संशोधन करने के लिए डाक विभाग की ओर से जनपद में 15 काउंटर लगाए गए हैं, जिसमें एक लखीमपुर में प्रधान डाकघर में बना है। यहां पर सुबह आठ बजे तक टोकन मिलता है, उसके बाद नंबर आता है। प्रत्येक काउंटर पर एक दिन में 50 से 60 लोगों का ही काम हो पाता है। डाकघर के सभी काउंटरों पर लोगों की भीड़ देखने को मिलती है। इसके अलावा बीएसएस कार्यालय में काउंटर लगा है। किसान कहीं से भी अपना आधार सही करा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें