बजाज चीनी मिल के तौल कांटे पर जानकारी करते किसान नेता।
आंदोलन के दौरान गन्ना यार्ड में खड़ी ट्रॉलियों को बजाज चीनी मिल ने दी वरीयता
314 ट्रॉलियों में भरे गन्ने की सूख पर प्रति ट्रॉली पांच क्विंटल बढ़वाया वजन
गोला गोकर्णनाथ। जिला प्रशासन और मिल प्रबंधन की जिन शर्तों पर संयुक्त किसान मोर्चा ने अपना आंदोलन समाप्त किया था। उन शर्तों पर बजाज चीनी मिल कितना खरा उतरा है इसकी जमीनी हकीकत जानने के लिए किसान नेता मंगलवार सुबह बजाज चीनी मिल के तौल कांटे पर पहुंचे।
मंगलवार की सुबह राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन जिलाध्यक्ष पटेल श्री कृष्ण वर्मा और रामनिवास वर्मा, संतोष सिंह ने चीनी मिल तौल गेट पर तीन दिसंबर से बजाज चीनी मिल के यार्ड में खड़ी गन्ना भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियों की तौल की जानकारी की। किसान नेताओं ने जीएम केन जगवीर सिंह मलिक से वार्ता की। जीएम केन ने बताया कि सोमवार शाम छह बजे से बुधवार सुबह छह बजे तक गन्ना लाइनों में तीन दिसंबर की खड़ी गन्ना ट्रॉलियों की तौल कराई जा रही है। अभी 314 ट्रॉलियों में भरे गन्ने की सूख पर प्रति ट्रॉली वजन में पांच क्विंटल बढ़ोतरी कराई है। सोमवार शाम 7:50 पर चीनी मिल की छोटी इकाई और रात 11:40 पर बड़ी इकाई चालू हो गई थी। बजाज चीनी मिल की दोनों इकाइयां सुचारु रूप से चल रही हैं।
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक आशुतोष मधुकर ने बताया कि पिछले सत्र में दो जनवरी तक का भुगतान हो चुका है। आंदोलन के बाद मिल चलने पर करीब 25 करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजा गया है।