जांच में फेल हुए नमूने
जीवन रक्षक दवाओं में शुमार एंटीबायोटिक दवाओं में सबसे ज्यादा गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। ड्रग इंस्पेक्टर सुनील रावत ने एंटीबायोटिक टेबलेट जेसेफ एजेड और विन कोल्ड प्लस सीरप का नमूना लिया था। दोनों नमूनों की लैब से जांच रिपोर्ट आई, जिसमें एंटीबायोटिक जेसेफ एजेड टेबलेट पूरी तरह खड़िया पाई गई। इसमें निर्धारित कंटेंट की मात्रा का एक प्रतिशत भी नहीं मिला है।
विनकोल्ड प्लस सिरप में पैरासिटामॉल नामक कंटेट की मात्रा निर्धारित मानक से कम पाई गई है। ड्रग इंस्पेक्टर ने फिक कनेक्ट ट्रेडर्स गोला गोकर्णनाथ, विनकोल्ड प्लस सीरप की निर्माता कंपनी टेक्सा लाइफ साइंस डेराबसी पंजाब और जेसेफ एजेड की निर्माता कंपनी जिया हेल्थेकेयर रेवाड़ी हरियाणा को नोटिस जारी किया।
कागजों पर चल रही थी कंपनी
रेवाड़ी में जांच के दौरान पता चला कि जिया हेल्थकेयर नाम की कोई दवा फैक्ट्री संचालित नहीं है, जिसकी वहां के अधिकारियों ने भी पुष्टि की। इससे यह बात साफ हो गई कि जनपद में नकली कंपनी के नाम पर बनी नकली दवाएं बेचकर मेडिकल कारोबारी अपनी जेबें भरने में लगे हैं, तो वहीं मरीजों की सेहत और जान दोनों पर खतरा मंडरा रहा है।
ड्रग इंस्पेक्टर सुनील रावत ने बताया कि नकली कंपनी में बनी दवाओं के बारे में गहराई से पड़ताल की गई, तो पता चला कि शाहजहांपुर की दो फर्मों द्वारा लखीमपुर में नकली जेसेफ एजेड की आपूर्ति की जा रही थी। गोला स्थित फिक कनेक्ट ट्रेडर्स के पार्टनर अरविंद कुमार, शिवा, गंगाधर शाह समेत चार लोगों और शाहजहांपुर की दो फर्मों के खिलाफ शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया है।