मैगलगंज। क्षेत्र में हुए ओम जी हत्याकांड में चोरी के वीडियो के एवज में धन उगाही का कारण सामने आया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को हत्याकांड का खुलासा करके आरोपी का चालान कर दिया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल डंडा सहित मृतक के पास से गायब हुआ उसका मोबाइल भी बरामद कर लिया है।
क्षेत्र के रहजनियां गांव निवासी ओम जी यादव पुत्र मानसिंह का शव सोमवार सुबह मैगलगंज कस्बे से सटे भट्ठे की खाली पड़ी जमीन में झाड़ियों के बीच बरामद हुआ था। मृतक की बहन सरिता ने लालपुर गांव स्थित पेट्रोल पंप के मैनेजर नंद किशोर निवासी खंजन नगर, मितौली व सहकर्मी सालिक निवासी रहजनियां और दिवाकर निवासी हरनहा के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
सरिता का आरोप था कि उसके भाई के मोबाइल में पंप मैनेजर सहित अन्य दाेंनो आरोपियों की डीजल-पेट्रोल चोरी करते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित थी। नौकरी से निकाले जाने के बाद ओम जी ने रिकाॅर्डिंग पंप मालिक को दिखाकर तीनों का काला चिट्ठा खोलने की धमकी दी थी।
इंस्पेक्टर रवींद्र कुमार पांडेय ने बताया कि इस मामले में सर्विलांस टीम की मदद से दिवाकर व मृतक ओम जी के मोबाइल की लोकेशन घटनास्थल के पास पाई गई। इसके बाद दिवाकर से सख्ती से पूछताछ करने के बाद उसने हत्या किए जाने स्वीकार करते हुए पूरा घटनाक्रम बताया।
दिवाकर ने बताया कि चाेरी वाली वीडियो की एवज में ओम जी उससे वसूली करने लगा था। घटना के दिन शराब के नशे में धुत ओम जी ने दिवाकर को भट्ठे की खाली पड़ी जमीन पर बुलाया और जुआ खेलने के लिए रुपयों की मांग की। बार बार मना करने के बाद भी न मानने पर दिवाकर ने मौके पर पड़े डंडे से उसके सिर पर प्रहार कर दिया, जिसके बाद ओम जी बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ा।
अचेत अवस्था में उसने ओम जी के मोबाइल को निकाल लिया और अपने गांव हरनहा चला गया। उसने मृतक के मोबाइल को तोड़कर गांव के बाहर खेत में छिपा दिया। रात में पंप पर ड्यूटी करने के बाद सुबह एक बार फिर ओम जी को देखने घटनास्थल पर गया, जहां ओम जी मृत अवस्था में जमीन पर पड़ा मिला। पुलिस ने दिवाकर को जेल भेज दिया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि नामजद अन्य दोनों अभियुक्तों के बारे में छानबीन की जा रही है। यदि इन दोनों की भी इस घटना में किसी तरह की संलिप्तता पाई जाती है तो इनके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।