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खुले में पड़ी मिलीं एक्सपायर्ड दवाएं, जांच शुरू

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सीरप का बैच नम्बर देखते एसीएमओ - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। भाजपा कार्यालय से कुछ दूर पर एक खाली प्लॉट में सरकारी दवाओं से भरे तमाम गत्ते पड़े मिले हैं। इनमें इंजेक्शन, ग्लूकोज बोतल, ओआरएस, आयरन टेबलेट सहित तमाम तरह की दवाएं भरी हैं। इन सब पर यूपी सरकार सप्लाई, बिक्री के लिए नहीं लिखा है।
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हालांकि इनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी है मगर, खाली प्लॉट में खुले में पड़ी दवाएं मिलने से विभागीय लोगों में खलबली है। टीम संग मौके पर पहुंचे एसीएमओ ने दवाएं कब्जे में लेकर पड़ताल शुरू कर दी है। ग्राम पंचायत उदयपुर महेवा के शमशान घाट के निकट एक खाली पड़े प्लॉट में सरकारी दवाओं के तमाम गत्ते पड़े मिले।
इनमें करीब 16-17 प्रकार की दवाएं भरी थी। कुछ ऐसे भी गत्ते थे, जो खुले तक नहीं थे, जिनमें भरी दवाओं में से कुछ 2017, 2018 से लेकर 2020 और मई-2021 में एक्सपायर हो चुकी थीं। खुले में दवाएं मिलने की सूचना से स्वास्थ्य अधिकारियों में खलबली मच गई।
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सीएमओ के निर्देश पर एसीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार, डॉ. बीसी पंत, प्रशासनिक अधिकारी नरेंद्र कुमार, चीफ फार्मासिस्ट आशुतोष अवस्थी, फार्मासिस्ट परमानंद, विनय कुमार ने मौके पर जाकर दवाओं की सूची, बैच नंबर, उनके बनने एवं एक्सपायर होने की तारीख आदि नोट कर सीएमओ को अवगत कराकर दवाएं अपने कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भिजवाईं। वहीं बाद में एसडीएम सदर और सीओ ने भी मौके पर जाकर मामले की जानकारी ली।
जिला अस्पताल की बताई जा रही दवाएं - दवाओं की निगरानी कर रहे बच्चू यादव कहना था कि ये दवा डब्बू नाम का एक युवक जिला अस्पताल से लाकर यहां डाल गया था। हमसे गड्ढा खोदकर दबाने के लिए कहा था। बच्चू का कहना था कि जिला अस्पताल मोतीपुर में शिफ्ट होने से दवा का स्टोर रूम भी वहां चला गया है। स्टोर खाली करने के दौरान जो दवाएं एक्सपायर्ड मिलीं, उन्हें दो दिन पहले लाकर यहां डाला गया था।
तीस सदस्यीय जांच टीम गठित - एक्सापायर्ड दवाओं का जखीरा मिलने का संज्ञान लेकर सीएमओ ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है। इसमें एसीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार, डॉ. बीसी पंत सहित जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता एवं अस्थि रोग सर्जन डॉ. सीएस सिंह शामिल है।
जरा सी चूक बन जाती जानवरों के लिए मुसीबत - जिस जगह पर दवाएं फेंकी गई हैं। वहां पर खास आबादी तो नहीं लेकिन गोवंश आदि घूमा करते थे। शनिवार को भी तमाम गोवंश दवाओं के आस पास मंडरा रहे थे। हालांकि मौजूद लोग उन्हें इनके पास से भगाते रहे। यदि गोवंश इनमें भरे पाउडर आदि का सेवन कर लेते तो बड़ी हानि हो सकती थी।
एक्सपायर्ड दवाएं इस तरह खुले में फेंकाना गलत है। नियमत: एक्सपायर्ड दवाओं को पांच फिट का गड्ढा खोदकर उसमें दबा देना चाहिए। गड्ढा खोदते समय इस बात का ध्यान रखें कि उसके आस पास कोई तालाब और नहर न हो। वहीं घर में ऐसी दवाएं होने पर दवाओं को निकालकर गर्म पानी में डाल दें। इसके बाद एक गड्ढा खोदकर उस पानी को उसमें डाल दें। - सुनील रावत, ड्रग इंस्पेक्टर
दवाएं मिलने की जानकारी हुई थी। एसीएमओ को भेजकर बैच नंबर सहित सूची बनवाई है। दवाएं लखनऊ से आती हैं। बैच नंबर से पता चल जाएगा कि दवाएं जिला एवं महिला अस्पताल की हैं या फिर राजापुर स्थित स्टोर की। सभी दवाओं को मंगवाकर सुरक्षित कर रखवा दिया गया है। जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। - डॉ. शैलेंद्र भटनागर, सीएमओ
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