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Lakhimpur Kheri News: हस्तांतरण के चार साल बाद भी शुरू नहीं हो सका शिल्पग्राम

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चंदनचौकी में बना ​शिल्पग्राम। संवाद
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लखीमपुर खीरी। आदिवासी जनजाति थारू संस्कृति, उनका भोजन, उनके परिधान, पर्यटकों को करीब से दिखाने के लिए चंदनचौकी में थारू शिल्पग्राम का निर्माण कराया गया है। निर्माण में 1.70 करोड़ रुपये का बजट खपाया जा चुका है। चार साल पहले भवन हस्तांतरित भी हो चुका है, बावजूद इसके निर्माण का प्रयोजन सिद्ध नहीं हो पा रहा। अधिकारी नए वित्तीय सत्र में इसके शुरू होने की उम्मीद जता रहे हैं।
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भारत-नेपाल सीमा पर स्थित दुधवा नेशनल पार्क में देश ही नहीं, बल्कि विदेशी पर्यटक भी घूमने आते हैं। जंगल की सैर कराने के साथ ही पर्यटकों के ठहरने के लिए दुधवा परिसर में थारू हट बनी हैं। सीमा क्षेत्र में थारू जनजाति के लोग भी रहते हैं, जिनका रहन-सहन, खान-पान, पहनावा, बोला-चाल आदि उनकी अनोखी संस्कृति है।
दुधवा आने वाले पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य और वन्य जीवों से रूबरू कराने के साथ उनको थारूओं के बीच ठहरने, भोजन, रहन-सहन आदि को करीब से दिखाने के लिए सरकार ने इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के तहत चंदनचौकी में थारू शिल्पग्राम का निर्माण कराया था। शिल्पग्राम के पीछे सरकार की मंशा है कि थारू जनजाति को करीब से जानने से पर्यटकों को अच्छा अनुभव तो मिलेगा, साथ ही थारू जनजाति के लोगों की आय बढ़ेगी और देश-विदेश में इसका नाम होगा। पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी।
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चंदनचौकी में शिल्पग्राम का निर्माण बाॅर्डर एरिया डेलवमेंट योजना के तहत कराया गया था। वर्ष 2021 में निर्माण पूरा होने के बाद शिल्पग्राम को जनजाति विभाग को हैंडओवर कर दिया गया था, लेकिन आज तक ये शुरू नहीं हो सका है। जबकि विभागीय अफसर इसको शुरू कराने के लिए लगातार प्रयासरत रहे। फाइलों को खूब इधर-उधर दौड़ाया, लेकिन शासन से अब तक हरी झंडी नहीं मिल सकी। (संवाद)

शिल्पग्राम में यह मिलेंगी सुविधाएं
शिल्पग्राम में चार थारू हट, एक म्यूजियम, नृत्य कला केंद्र, थारू व्यंजनों के स्वाद के लिए रेस्टोरेंट, पर्यटकों के ठहरने आदि की व्यवस्था रहेगी। इसके साथ ही थारूओं के उत्पादों के लिए दुकानें और एक ट्रेनिंग सेंटर बना है। इसका संचालन थारू समाज की एक कमेटी करेगी। इससे होने वाला लाभ भी उन्हीं को मिलेगा, पर अफसोस चार साल बाद भी इसके शुरू होने का रास्ता साफ नहीं हो सका। भवनों का इस्तेमाल न होने से रंग फीका होने लगा है।

चंदनचौकी में बना शिल्पग्राम चालू कराने के लिए प्रस्ताव नाबार्ड को सौंपा गया है। उम्मीद है जल्द ही यह शुरू हो जाएगा। संचालन की तैयारी चल रही है। इसको लेकर अप्रैल में एक अहम बैठक होनी है। - यूके सिंह, परियोजना अधिकारी जनजाति विभाग

शिल्पग्राम के संबंध में प्रमुख सचिव की बैठक होना प्रस्तावित है। संचालन को लेकर जो भी दिशा-निर्देश मिलेगे, उसका पालन किया जाएगा। उम्मीद है कि नए वित्तीय सत्र में इसका शुभारंभ हो सकता है। -प्रसून सोनार, डीएमएम नाबार्ड

चंदनचौकी में बना शिल्पग्राम। संवाद

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