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Lakhimpur Kheri News: 10 माह बाद भी नौ किमी सड़क चौड़ी नहीं कर पाया पीडब्ल्यूडी

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रामसुमिरन
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लखीमपुर खीरी। ‘नौ दिन चले अढ़ाई कोस’ वाली कहावत इन दिनों पीडब्ल्यूडी पर सटीक बैठ रही है। साल पूरा होने को आ रहा है, बावजूद इसके विभाग महज नौ किलोमीटर लंबी सड़क को चौड़ा नहीं कर पाया है। एलआरपी से मंझरा तक धीमी गति से हो रहे सड़क निर्माण का खामियाजा अब राहगीरों के अलावा व्यापारियों को भी भुगतना पड़ रहा है। दिनभर रुक-रुक कर लगने वाले जाम के कारण व्यापार पर खासा असर पड़ रहा है।
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एलआरपी चौराहे से मंझरा तक तकरीबन नौ किलोमीटर की इस सड़क की चौड़ाई सात मीटर है। पीडब्ल्यूडी करीब 38 करोड़ की लागत से इसे अब 10 मीटर चौड़ा करा रहा है। सड़क चौड़ीकरण के कार्य को करीब नौ माह बीत रहे हैं, जबकि सड़क की हालत वही दिखाई दे रही है। लेटलतीफी के कारण इस मुख्य मार्ग पर दिन में घंटों जाम लगा रहता है। इससे न सिर्फ राहगीरों को भीषण गर्मी में मुसीबत हो रही है, बल्कि यहां के व्यापारियों पर इसका असर हो रहा है।

राजापुर मार्ग का भी हाल बेहाल
बीते माह से शहर के एंट्री प्वाइंट राजापुर चौराहे से नहर तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू कराया गया था। इसे फोरलेन बनाया जाना प्रस्तावित है। इस मार्ग पर भी पक्के अतिक्रमण सहित बिजली के खंभे व ट्रांसफार्मर निर्माण कार्य में रोड़ा अटका रहे हैं। बिना पक्का अतिक्रमण हटवाए ही पीडब्ल्यूडी ने इस मार्ग पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया, जो फिलहाल 15 दिन से बंद है। एक तरफ की सड़क खोदकर उसमें पत्थर डालकर छोड़ दिया गया है। इससे यहां भी दिन में कई बार जाम की स्थिति बनी रहती है।
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कई माह से निर्माण कार्य चल रहा है। कार्य में देरी की वजह से ग्राहकों को आने में दिक्कत होती है। व्यापार पर भी इसका असर पड़ रहा है। - रामसुमिरन, दुकानदार


दस महीने बीत चुके हैं और सड़क चौड़ी नहीं हो सकी है। दुकान तक पहुंचने में ग्राहकों को दिक्कत होती हैं। इससे हम लोगों का नुकसान हो रहा है। - शिवकिशोर, व्यापारी


साल भर होने को आ रहा है। सड़क अब तक चौड़ी नहीं हो सकी हैै। दिनभर जाम लगता रहता है। लोग सामान लेने नहीं आ पाते हैं। दुकानदारी पर प्रभाव पड़ रहा है। - रामचन्द्र, दुकानदार


सड़क बनने से दिन भर धूल उड़ती रहती है, इससे लोगों के स्वास्थ्य पर असर तो पड़ ही रहा है। साथ ही धीमे हो रहे कार्य से धंधे पर भी फर्क पड़ रहा है। गोगा, व्यापारी


रेल ओवरब्रिज में करोड़ों खर्च, वर्षों इंतजार के बाद भी पूरा नहीं हुआ निर्माण
फरधान। कस्बे में करोड़ों खर्च और वर्षों इंतजार के बाद भी रेल ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। निर्माण कार्य में लेट लतीफी के कारण आए दिन सड़क पर जाम लगता है। जाम की वजह से न सिर्फ राहगीरों, बल्कि कस्बे के व्यापारी भी परेशानी झेल रहें है।
बता दें कि रेल ओवरब्रिज का कार्य फरवरी 2021 में शुरू हुआ था और मई 2022 तक कार्य पूरा होना था। शुरू में कोरोना की दूसरी लहर की वजह से लाॅकडाउन लगा रहा था। जिसके चलते कार्य में कुछ समय के लिए रुकावट हुई। उसके बाद कार्य की रफ्तार धीमी रही। इससे लोगों को भारी मुसीबतें झेलनी पड़ रहीं हैं। संवाद


डेडलाइन के तीन साल बाद भी पूरा नहीं हुआ ओवरब्रिज का कार्य
फरधान। कस्बे में नहर पुल से नितिन तिवारी की दुकान तक 1350 मीटर ओवरब्रिज बनना था। जिसमें लगभग 900 मीटर दूरी दीवार खड़ी करके रेलवे क्राॅसिंग पर दोनों तरफ दो-दो पिलर खड़े करके रेलवे ओवरब्रिज पूरा करना था। मार्च 2025 में तीन वर्ष पूरे चुके हैं। इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। जबकि निर्धारित समय के अनुसार इसे मई 2022 तक पूरा करना था।


मरीजों के लिए आफत बना ओवरब्रिज निर्माण का कार्य
गोलागोकर्णनाथ। कस्बे से जिला मुख्यालय को जाने वाले मार्ग पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य फरवरी 2021 में शुरू कराया गया था, जिसका काम मई 2022 तक पूरा होना था। हालांकि उसके बाद भी तीन साल बीतने के बाद यह कार्य पूरा नहीं हो सका है। संकरी सड़क होने की वजह से यहां जाम की समस्या हमेशा बनी रहती है। रेलवे क्राॅसिंग बंद होने पर हालात और बिगड़ जाते हैं। घंटों जाम लगा रहता है। सबसे अधिक खामियाजा जिला अस्पताल जाने वाले मरीजों को भुगतना पड़ता है। संवाद

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