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अंग्रेजी शराब की दुकानों से भाग रहे ठेकेदार!

Mon, 26 Jan 2015 12:35 AM IST
लखीमपुर खीरी
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वित्त वर्ष 2015-16 के लिए शराब दुकानों के व्यवस्थापन की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। शुरुआती तीन दिन में हुए फार्म वितरण के रुझान इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि अंग्रेजी शराब के दामों में होने वाली बेतहाशा वृद्धि के चलते कई कारोबारी अपना हाथ समेट सकते हैं। इससे आबकारी विभाग के सामने मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं, क्योंकि राजस्व वसूली के लक्ष्य को दुरुस्त करना चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
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बता दें कि 23 जनवरी से शराब दुकानों के रिन्यूवल की प्रक्रिया आरंभ हुई है, जिसमें शराब दुकानदार फार्म खरीद रहे हैैं। पहले दिन 10 फार्म बिके, जिसमें नौ देशी और एक अंग्रेजी दुकानें शामिल हैैं। दूसरे दिन 30 फार्म बिके, जिसमें देशी के 18, बीयर के 10 और अंग्रेजी शराब के एक दुकानदार ने फार्म लिए हैं। तीसरे दिन रविवार के चलते अवकाश रहा। विभागीय सूत्रों की माने तो अंग्रेजी शराब दुकानों के व्यवस्थापन के लिए अभी तक मात्र तीन फार्म बिक्री से इस बार कई दुकानें छूटने की प्रबल संभावनाएं बन गई हैं। जबकि जिले में 90 अंग्रेजी शराब दुकानें संचालित हैं। अंग्रेजी दुकानों के प्रति ठंडे हालात के पीछे महंगाई प्रमुख वजह बताई जा रही है, जिससे बिक्री भी डाउन हो चुकी है। अन्य पड़ोसी राज्योें की अपेक्षा उत्तर प्रदेश में पहले से ही अंग्रेजी शराब काफी महंगी थी। अब नए सत्र से 15 फीसदी लाइसेंस फीस बढ़ने से और महंगाई आने के संकेत मिले हैं। लिहाजा शराब कारोबारियों को भी अंग्रेजी शराब का धंधा घाटे का प्रतीत होने लगा है।
छूटी दुकानों का लाटरी सिस्टम से व्यवस्थापन
30 जनवरी 2015 तक फार्म का वितरण और जमा करने का सिलसिला चलेगा। इस अवधि में जो दुकानें रिन्यूवल से वंचित रह जाएंगी, उनका लाटरी सिस्टम से व्यवस्थापन किया जाएगा। इसके लिए 31 जनवरी से छह फरवरी 2015 तक लाटरी प्रक्रिया की जाएगी। इस दौैरान भी व्यवस्थापन से अवशेष रहने वाली दुकानों का आफर देकर पिछले साल के लाइसेंस शुल्क पर आवंटन किया जाएगा।
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