विकास भवन में प्रदर्शन करते अटेवा कर्मचारी। स्रोत : आयोजक
- फोटो : मुजीमाबाद मजरे करनगांव में गेहूं में लगी आग।
लखीमपुर खीरी। अटेवा पेंशन बचाओ मंच के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर बुधवार को नई पेंशन योजना (एनपीएस) और यूनिफाइड पेंशन योजना (यूपीएस) के विरोध में काला दिवस मनाया गया। जिले भर में शिक्षक, कर्मचारी और अटेवा कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर अपने-अपने कार्यस्थलों पर विरोध दर्ज कराया और पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग उठाई।
जिला संयोजक विश्वनाथ मौर्य के नेतृत्व में विकास भवन सहित विभिन्न कार्यालयों और विद्यालयों में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। माध्यमिक शिक्षा विभाग में महामंत्री मनोज वर्मा और राजेश पांडेय, विकास भवन में सीताराम मौर्य तथा सिंचाई विभाग में फरमान अली और सुरेंद्र मौर्य के नेतृत्व में कर्मचारियों ने विरोध में भागीदारी की।
विश्वनाथ मौर्य ने बताया कि एक अप्रैल 2005 को उत्तर प्रदेश में एनपीएस लागू किए जाने के विरोध में हर वर्ष इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना को बहाल कर एनपीएस और यूपीएस समाप्त करने की मांग दोहराई।
प्रदेश संगठन मंत्री संदीप वर्मा ने कहा कि एनपीएस और यूपीएस लागू कर कर्मचारियों के साथ अन्याय किया गया है। वहीं महामंत्री मनोज वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और पुरानी पेंशन बहाली तक संघर्ष जारी रहेगा।