इस मौके पर प्रदर्शन स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि जब तक डीएम पर कार्रवाई नहीं हो जाती है तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। बताया कि प्रमुख वन संरक्षक, प्रमुख सचिव व प्रमुख वन संरक्षक को संघ ने पत्र भेजकर समस्या के निस्तारण की मांग की गई है। उपाध्यक्ष रामकुमार ने कहा कि निर्णय किया गया था कि कार्रवाई न होने पर कर्मचारी छह फरवरी को अपने शस्त्र जमा कर देंगे और इस्तीफा भी देंगे लेकिन वनरक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष रामप्रसाद की राय थी कि दो-तीन दिन और इंतजार कर लिया जाए, इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं होती है तो शस्त्र, हाथी, राजकीय वाहन जमा कर दिए जाएं और जरूरत पड़े तो सामूहिक इस्तीफा भी दे दिया जाए। इधर, शनिवार को भी दुधवा में पर्यटन ठप रहा।
दुधवा कर्मियों के आंदोलन को गति देने के लिए फेडरेशन पदाधिकारियों ने वन निगम के कर्मचारी संगठन को भी पत्र लिखा है। फेडरेशन पदाधिकारियों के मुताबिक वे आंदोलन में शामिल होंगे।
डीडी के कर्मियों को मनाने के प्रयास विपफल
डीडी पीपी सिंह कर्मियों को मनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं लेकिन कर्मी मानने को तैयार नहीं हैं। जिससे पर्यटन बहाल नहीं हो पा रहा है। डीडी कहते हैं कि वह पूरा प्रयास कर रहे हैं कि दुधवा नेशनल पार्क का पर्यटन शुरू हो जाए।
सैलानियों को करना पड़ रहा है मायूसी का सामना
पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क में आंदोलन के चलते सैलानियों को रोज मायूसी का सामना करना पड़ रहा है। दूरदराज से आए सैलानियों ने प्रमुख वन संरक्षक को पत्र भेजकर स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
दुधवा नेशनल पार्क में लखनऊ से सैलानियों का एक जत्था जंगल भ्रमण के लिए आया था, हड़ताल के चलते उनको वापस जाना पड़ा । इन सैलानियों ने ही प्रमुख वन संरक्षक को पत्र भेजा भेजा है। शनिवार को ही दिल्ली से यहां आए सैलानी नवीन जैन, अजय जैन, गोविंद अग्रवाल, शालिनी, रेनू, शोभित, पुष्पा ने बताया कि वह यहां पहली बार आए हैं। उन्हें कर्मियों से पता चला कि जंगल भ्रमण नहीं कराया जाएगा जिससे उनको मायूस होकर लौटना पड़ रहा है । बहराइच के जहीर खान ने कहा कि उनका परिवार और दोस्त यहां आने वाले थे। स्थिति देखने वह पहले आ गए। हालात देख कर उन्हें मना कर दिया है।