मुख्य अतिथि चंपतराय ने कहा कि राष्ट्र और उसकी संस्कृति की रक्षा के लिए मां-बहनों की रक्षा के लिए पूरे हिंदू समाज को एकजुट होकर राष्ट्र विरोधी और हिंदुत्व विरोधी ताकतों को जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि ऊंच-नीच और छुआछूत ये सब मानसिक बीमारियां हैं इन्हें दूर कर पूरे हिंदू समाज को जागरूक होने की आवश्यकता है। इस देश के अधिकतर मुसलमान और ईसाई पहले हिंदू ही थी उन्हें भी इसके बारे में बताना है। उन्होंने कहा कि हमें सचेत रहने की आवश्यकता है कि कहीं हमारी उदासीनता और उपेक्षा से हमारे भाई हमसे दूर न हो जाएं। कार्यक्रम में राष्ट्रवादी कवि अनिल अमल ने काव्यपाठ किया। यहां शहीद दरोगा मनोज मिश्रा के पिता श्याम मुरारी मिश्रा, बजरंग दल के शहीद अतुल शुक्ला के पिता रामकुमार शुक्ला और जिले में विहिप के संस्थापक राजकुमार त्रिवेदी को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। विहिप जिलाध्यक्ष नंद किशोर अग्रवाल, रामआसरे गुप्ता, अभियान अंचल अध्यक्ष राकेश वर्मा तथा आचार्य संजय मिश्र ने मुख्य अतिथि को धर्मरक्षा निधि के लिए थैलियां भेंट की। कार्यक्रम में विहिप के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामसेवक शर्मा, प्रांत मातृशक्ति प्रमुख रचना शुक्ला, विहिप जिलाध्यक्ष नंद किशोर अग्रवाल, जिलामंत्री बृजेश पांडे, उमेश मिश्रा, भाजपा नेता इतेंद्र वर्मा, अनूप शुक्ला, आरएसएस के रजनीश गुप्ता, कुलभूषण सिंह, डॉ.संतोष मिश्रा, संस्कृत भारती के डॉ.ओंकार नारायण दुबे, वाईडी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ.सत्येंद्र दुबे, अर्चना वाजपेयी, प्रेमवती मिश्रा, जिला सत्संग प्रमुख मनीष मिश्रा और मठ मंदिर प्रमुख अनूप चतुर्वेदी सहित तमाम लोग उपस्थित थे।