हाथियों के द्वारा रौंदी गई फसल दिखाते किसान मुशर्रफ़ खान। संवाद
निघासन। दुधवा नेशनल पार्क से निकलकर आए हाथियों का आतंक बेलरायां क्षेत्र में बढ़ता जा रहा है। शनिवार रात हाथियों के झुंड ने बरौला हार और आस-पास के खेतों में घुसकर किसानों की गन्ने और धान की फसलें रौंद दीं। खेतों का मंजर देख सुबह किसान फूट-फूटकर रो पड़े।
गांव तकियापुरवा के किसान रोज अली की करीब तीन बीघा धान की फसल हाथियों ने रौंद डाली। इसी गांव के नेतराम की गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाया। सबसे ज्यादा मार झेली मुशर्रफ खान ने झेली। उननकी लगभग छह बीघा गन्ने की फसल हाथियों ने पहले खाई और फिर पैरों तले कुचलकर तहस-नहस कर दी।
किसानों का कहना है कि वे अपनी मेहनत और साल भर की कमाई को उजड़ते देख असहाय खड़े देखते रह गए। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों से फसल की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम करने की मांग की है। साथ ही फसल नुकसान का पूरा मुआवजा दिए जाने की गुहार लगाई है।
इस संबंध में उत्तर निघासन रेंज बेलरायां के वन दरोगा हरीलाल ने बताया कि हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गश्त बढ़ा दी गई है। किसानों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्रों के आधार पर फसल नुकसान की जांच कराई जाएगी। जांच पूरी होने पर पीड़ित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा।