संपूर्णानगर। अखंड फार्म के पास बाघ देखे जाने के बाद उसे पकड़ने के लिए दुधवा नेशनल पार्क से लाई गईं प्रशिक्षित हथिनियां चमेली और सुलोचना 10 दिन से जंगल और खेतों की खाक छान रही हैं।
ट्रैंक्युलाइज करने की अनुमति मिलने के बावजूद वन विभाग को अब तक सफलता नहीं मिली है। क्षेत्र में बाघ के ताजे पैरों के निशान तो मिल रहे हैं, लेकिन उसकी स्पष्ट लोकेशन नहीं मिल पा रही है।
बाघ को पकड़ने के लिए 24 सितंबर को चमेली और सुलोचना को तैनात किया गया था। शुरुआती तीन दिन लगातार बारिश के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित रहा। इसके बाद शुक्रवार और शनिवार को सर्च ऑपरेशन तेज किया गया।
शनिवार को रेस्क्यू टीम सिंगाही खुर्द, मिलिट्री फार्म मार्ग, नई बस्ती गोविंदनगर और जंगल से सटे नाले के रास्ते नानक फार्म तक पहुंची। करीब तीन घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इसके बावजूद बाघ की कोई स्पष्ट लोकेशन नहीं मिल सकी। इसके बाद टीम रेंज लौट गई।
रेंजर ललित कुमार ने बताया कि बाघ के ताजे पगमार्क मिल रहे हैं, लेकिन वह किसी एक स्थान पर ठहर नहीं रहा है। लगातार ठिकाना बदलने के कारण उसे ट्रैंकुलाइज करने में परेशानी आ रही है। बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है।
हाथिनियों के साथ लोगों ने ली सेल्फी
शनिवार सुबह चमेली और सुलोचना महावतों के साथ संपूर्णानगर बाजार से होते हुए सिंगाही खुर्द-मिलिट्री फार्म रोड की ओर निकलीं। हथिनियों को देखकर दुकानदारों और राहगीरों की भीड़ जुट गई। लोगों ने उनके साथ तस्वीरें और सेल्फी लीं।
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कोलवा फार्म में बाघ ने फिर सांड़ के शव को खाया
मझगईं। कोलवा फार्म क्षेत्र में बाघ ने शुक्रवार को मारे गए सांड़ के शव को शुक्रवार रात फिर खाया। गुनाखर टांडा के पास बाघ ने शुक्रवार सुबह सांड़ को मारकर उसका कुछ हिस्सा खा लिया था। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पटाखे आदि दगाकर बाघ को वहां से भगाया था। सांड़ के शव को दफनाया नहीं जा सका था। इसके चलते शव मौके पर ही पड़ा रहा।
धर्मापुर के आसपास करीब दो सप्ताह से बाघों की चहलकदमी बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक दो सप्ताह पहले कार सवारों को एक साथ तीन बाघ दिखाई दिए थे। इसके बाद गश्त के दौरान वनकर्मियों को चार बाघ नजर आए थे। तभी से बाघ कोलवा फार्म के आसपास गन्ने के घने खेतों में डेरा जमाए हुए हैं।
बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए घटनास्थल के आसपास पांच कैमरे लगाए गए हैं। वन क्षेत्राधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि बाघ की लोकेशन और मूवमेंट का पता लगाने के लिए पांच कैमरे लगाए गए हैं। संवाद