मझगईं/लखीमपुर खीरी। इन दिनों दुधवा से बाहर निकलकर आ रहे हाथी फसलों को खूब नुकसान पहुंचा रहे हैं। बृहस्पतिवार को दुधवा नेशनल पार्क से बाहर आए दो दर्जन हाथियों के झुंड ने तिकोना फार्म में गन्ने के खेतों में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने आठ बीघा गन्ने की फसल को तहस-नहस कर दिया। किसानों ने पटाखे दागकर और हांका लगाकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा।
कस्बा के मजरा तिकोना फार्म में करीब एक हफ्ते से जंगली हाथियों का कहर जारी है। हाथियों का उत्पात कम होने के बजाये बढ़ता जा रहा है। बुधवार की रात दुधवा नेशनल पार्क से बाहर आए करीब दो दर्जन हाथियों ने जागीर सिंह, बलविंदर सिंह, गुरूविंदर सिंह, हरबीख्स सिंह, जनकराम के खेतों में गन्ने की फसलों में जमकर उत्पात मचाते हुए करीब आठ बीघा गन्ने की फसल को रौंद दिया। किसानों ने पटाखे दागकर और हांका लगाकर किसी तरह हाथियों को जंगल की ओर भगाया। किसानों ने आरोप लगाया है कि पार्क के हाथी बराबर उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन वन विभाग कोई कारगर कदम नहीं उठा रहा है। किसानों ने हाथियों के कहर से बचाने के साथ जल्द मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
चार दिन पहले पहले रविवार को संपूर्णानगर इलाके के मझरा पश्चिम में जंगली हाथी को घूमते देख गया था। वह खेतों से होकर नदी के किनारे तक गया। रास्ते में कई जगह उसने फसल को खराब किया। वन रेंजर सुभाष चंद्र वर्मा ने बताया कि हाथी की लोकेशन प्रतापनगर से नदी के बीच मिली है। जंगली हाथी अभी भी खेतों में है। एक दिन पूर्व हाथी टाटरगंज भी पहुंचा था। अनुमान है कि खेतों में भी यही हाथी घूम रहा है। वन विभाग की ओर से चेतावनी जारी कर जंगली हाथी से सतर्क रहने को कहा गया है।
गन्ने की फसल को नुकसान हुआ है, जिसकी सूचना लेखपाल को दी है। तहसील से हुए नुकसान का आकलन करने के बाद मुआवजा दिया जाएगा।
-शरद मिश्रा, फारेस्ट गार्ड, दुधवा पार्क