लखीमपुर खीरी। जिले में संचालित होने वाले 16 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था के साथ ही अन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निरीक्षण कराए जाते हैं। इनमें एडी बेसिक से लेकर जिले के समस्त शिक्षाधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। ऐसे में प्रेरणा पोर्टल पर निरीक्षण कम होने के चलते महानिदेशक ने नाराजगी जताई है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा कार्यालय की ओर से जारी निर्देश के क्रम में 01 से 31 अगस्त दिए गए लक्ष्य के सापेक्ष निरीक्षण करने थे, लेकिन अधिकारियों ने इस काम में लापरवाही बरती। बताते चलें कि 15 ब्लाॅकों में 16 कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो पूरे जिले के समस्त शिक्षाधिकारियों को 101 का लक्ष्य दिया गया था। इसमें से 30 ही निरीक्षण किए गए। वहीं 15 बीईओ को महीने में चार बार निरीक्षण करने का लक्ष्य दिया गया था। 60 निरीक्षण में महज 15 निरीक्षण हो सके। डीसी गर्ल्स को 32 निरीक्षण करने थे, जिसमें से महज 13 बार ही निरीक्षण किए गए हैं।
डायट प्रिसिंपल को चार विद्यालयों का निरीक्षण करना था, लेकिन एक भी स्कूल का निरीक्षण नहीं किया। बीएसए को भी दिए गए चार स्कूलों के निरीक्षण के सापेक्ष एक भी निरीक्षण नहीं किया गया। इसके अलावा एडी बेसिक को एक कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का निरीक्षण करना था लेकिन उन्होंने भी निरीक्षण नहीं किया। आंकड़ों में दो अतिरिक्त अधिकारियाें को निरीक्षण करना था। निरीक्षण का डाटा प्रेरणा पोर्टल पर अपडेट करना होता है। प्रेरणा पोर्टल की रिपोर्ट देखने के बाद महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने नाराजगी जताई है।