फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छह नोटिस देने के बाद भी नहीं दीं नियुक्तियों की पत्रावलियां

विज्ञापन
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। जनपद के एडेड (शासकीय सहायता प्राप्त) विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्तियों में गड़बड़ी का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। सिंगाही स्थित क्वीन मेरी गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल में तीन सहायक अध्यापक पदों पर नियुक्तियां गुपचुप तरीके से कराए जाने और प्रबंध समिति की सदस्य रानी विभा सिंह द्वारा जनवरी 2019 में हुई तीनों नियुक्तियों को फर्जी बताए जाने पर वित्त एवं लेखाधिकारी डॉ दिलीप कुमार सिंह ने नोटिस जारी कर पत्रावलियां तलब की थीं। फरवरी से मई 2019 तक वित्त एवं लेखाधिकारी ने बीएसए और स्कूल के प्रबंधक से नियुक्तियों से संबंधित पत्रावलियां और अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए छह बार नोटिस जारी कीं, लेकिन एक बार भी जवाब नहीं दिया गया। वहीं नियुक्ति पाई शिक्षिकाएं वेतन के लिए अधिकारियों के पास गुहार लगाने लगी हैं। लिहाजा वित्त एवं लेखाधिकारी ने सातवां पत्र जारी करते हुए बीएसए से एक सप्ताह में पत्रावलियां मांगी हैं।
विज्ञापन

महारानी सूरथ कुमारी ट्रस्ट द्वारा 1962 में क्वीन मेरी गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल का संचालन शुरू किया गया था, जिसके बाद से इसकी देखरेख सिंगाही खैरीगढ़ राज परिवार करता आ रहा है। स्कूल के प्रबंधक/सचिव राकेश दीक्षित की 24 अगस्त 2012 को मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद से प्रबंधक पद को लेकर विवाद चल रहा है। विद्यालय प्रबंध समिति की सदस्य रानी विभा सिंह ने सात जून 2018 को पत्र के माध्यम से प्रबंधक/सचिव पद पर चुनाव कराने की मांग की थी। इसी पत्र में उन्होंने कथित प्रबंधक विपिन बिहारी वाजपेयी द्वारा विद्यालय के अभिलेखों को अपने कब्जे में लेकर दुरुपयोग किए जाने का आरोप लगाया था। आरोप है कि इसके बाद जनवरी 2019 में बीएसए आफिस के एक बाबू की सांठगांठ से सहायक अध्यापक पदों पर आकांक्षा शर्मा, विभा रानी और पल्लवी दीक्षित की नियुक्ति करा दी गईं। मामले में शिकायत होने के बाद से नियुक्ति किए गए शिक्षिकाओं की पत्रावलियां गायब हैं। मामला डीएम के पास पहुंचने के बाद फिर से अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। तीनों नियुक्तियों की फाइल और अभिलेख बार-बार मांगे जाने के बावजूद वित्त एवं लेखाधिकारी को उपलब्ध नहीं कराए हैं। इससे वित्त एवं लेखाधिकारी डॉ दिलीप कुमार सिंह बीएसए को पुन: पत्र लिखकर नियुक्ति प्रक्रिया की शुचिता और पारदर्शिता पर गंभीर संदेह जताया है। साथ ही नव नियुक्त शिक्षिकाओं की पत्रावलियां एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराने के लिए कहा है और अनियमितता /दूषित नियुक्ति प्रक्रिया के लिए अनुमोदनकर्ता एवं नियोक्ता को उत्तरदायी ठहराया है।
क्वीन मेरी स्कूल में नियुक्तियों का अनुमोदन हमारे द्वारा किया गया है, लेकिन वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में पत्रावली अब तक जमा न किए जाने की जानकारी नहीं है। हो सकता है कि नियुक्त शिक्षकों के अभिलेखों की प्रबंधकों द्वारा जांच कराई जा रही हो। मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

-बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें