लखीमपुर खीरी। सहालग में करारे नोट की धड़ल्ले से कालाबाजारी हो रही है। व्यापारी मौके का फायदा उठाकर करारे नोट बेचकर नोट कमा रहे हैं। बैंकों में उपलब्धता न होने से पांच से दस फीसदी की वसूली की जा रही है। शनिवार को पड़ताल की गई तो इसकी सच्चाई भी सामने आई।
संकटा देवी क्षेत्र व बाजार के अंदर राम जानकी मंदिर के पास खुलेआम नए नोटों की गड्डियां और नोटों की मालाएं बेचने के लिए रखी गई हैं। खरीदारों से पांच से दस प्रतिशत तक अतिरिक्त रकम ली जा रही है। कई दुकानदार सीधे तय दरों पर गड्डियां बेच रहे हैं। 10 के नोटों की गड्डी 1500 रुपये और 20 के नोटों की गड्डी 2700 रुपये में है।
दूल्हे के लिए नोटों की मालाओं की भी जमकर कालाबाजारी हो रही है। एक दुकानदार ने 10, 20, 50 और 100 रुपये की नोट मालाओं के अलग-अलग रेट बताए। संकटा देवी क्षेत्र की एक दुकान पर नोटों की मालाएं और गड्डियां सजी मिलीं। पूछने पर दुकानदार ने बताया कि 10 और 20 रुपये की गड्डियां नहीं हैं, लेकिन 50 रुपये की गड्डी मिल जाएगी। बशर्ते खरीदार 5700 रुपये चुकाने होंगे।
चौंकाने वाली बात यह है कि कालाबाजारी सिर्फ बाजार तक सीमित नहीं है। ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर भी भारतीय करेंसी की ऑनलाइन मंडी सज चुकी है, जहां एक रुपये के नोट तक को अवैध रूप से ऊंची कीमतों पर बेचा जा रहा है।
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ये है नियम
भारतीय मुद्रा की खरीद-फरोख्त किसी भी निजी व्यक्ति या दुकान पर करना पूरी तरह अवैध है। रिजर्व बैंक के एक्ट 1934 के अनुसार, नोटों की बिक्री प्रतिबंधित है। निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलना, नोटों की कालाबाजारी करना और खुले में गड्डियों की बिक्री सभी दंडनीय अपराध हैं।
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नोटों की माला और नोटों की गड्डियां बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित है। अगर कोई ऐसा कर रहा है तो उसके खिलाफ प्रशासनिक स्तर से कार्रवाई की जाएगी।
- अशोक कुमार गुप्ता, एलडीएम